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Pithoragarh News: दिख रही पीड़ पर्वत की, अब बर्फ पड़नी चाहिए
Thu, 05 Dec 2024 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 05 Dec 2024 11:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुनस्यारी/अस्कोट/बंगापानी (पिथौरागढ़)। बर्फ से हमेशा आच्छादित रहने वाली सीमांत जिले की चोटियां काली पड़ने लगी हैं। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव इस कदर बढ़ गया है कि मुनस्यारी जैसी जगह में भी सूखी ठंड पड़ रही है। साथ ही दिसंबर में कभी कोहरा देखने को नहीं मिलता था लेकिन इस बार ऐसा हो रहा है। इससे क्षेत्र के बुजुर्ग भी चिंतित हैं।
वर्तमान में मुनस्यारी नगर का अधिकतम तापमान लगभग आठ और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। क्षेत्र की प्रसिद्ध चोटियां हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए बर्फ की बाट जोह रही हैं। बर्फ से ढका रहने वाला छिपलाकोट पर्वत इस समय काला पड़ा है। बंगापानी से दिखने वाली पंचाचूली की चोटी का बर्फ से लकदक नजारा भी नहीं गायब है। अमूमन दिसंबर में हिमाच्छादित चोटियों से बर्फ का शृंगार गायब होने से क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
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मुनस्यारी/अस्कोट/बंगापानी (पिथौरागढ़)। बर्फ से हमेशा आच्छादित रहने वाली सीमांत जिले की चोटियां काली पड़ने लगी हैं। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव इस कदर बढ़ गया है कि मुनस्यारी जैसी जगह में भी सूखी ठंड पड़ रही है। साथ ही दिसंबर में कभी कोहरा देखने को नहीं मिलता था लेकिन इस बार ऐसा हो रहा है। इससे क्षेत्र के बुजुर्ग भी चिंतित हैं।
वर्तमान में मुनस्यारी नगर का अधिकतम तापमान लगभग आठ और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। क्षेत्र की प्रसिद्ध चोटियां हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए बर्फ की बाट जोह रही हैं। बर्फ से ढका रहने वाला छिपलाकोट पर्वत इस समय काला पड़ा है। बंगापानी से दिखने वाली पंचाचूली की चोटी का बर्फ से लकदक नजारा भी नहीं गायब है। अमूमन दिसंबर में हिमाच्छादित चोटियों से बर्फ का शृंगार गायब होने से क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
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