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मोरी के आपदा प्रभावितों के दर्द नहीं हुए कम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 12:23 AM IST
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The pain of the disaster victims of Mori did not subside
बंगापानी का आपदा पीड़ित गांव मोरी।संवाद - फोटो : PITHORAGARH
बंगापानी (पिथौरागढ़)। बंगापानी तहसील के मोरी गांव के आपदा प्रभावित का दर्द कम नहीं हुआ है। गांव के 26 आपदा पीड़ित अभी भी आशियाने बनाने के लिए सरकार से राशि का इंतजार कर रहे है। 24 परिवारों को अभी तक 1.19लाख की राशि मिली थी। पीड़ित परिवार किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। मई 2021 में आई भीषण आपदा ने मोरी परिवार के लोगों का सब कुछ छीन लिया था। गनीमत रही दिन में आई आपदा के चलते किसी की जान नहीं गई, लेकिन सालों मेहनत से कमाई जमापूंजी मलबे में ताश के पत्तों की तरह बह गई। भीषण आपदा में 26 परिवारों के आशियाने पूरी तरह मलबे की भेंट चढ़ गए। बस अभी आपदा के जख्म भरने के लिए इन्हें शासन से मकान बनाने के लिए राशि का इंतजार है। इसके बाद ये अपने मकान बनाने की कार्यवाही कर सकेंगे।
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दो परिवारों को मिली 60 हजार की राशि
बंगापानी (पिथौरागढ़)। मई 2021 की आपदा में मोरी गांव में एक परिवार के दो भाईयों को शासन से 60 हजार रुपये की राशि दी गई, जबकि दोनों भाई अलग-अलग रहते हैं। प्रशासन ने राहत राशि की 60हजार की रकम इनके पिता रुद्र सिंह परिहार एक ही परिवार मानकर सौंपी दी थी।
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आपदा पीड़ितों को काफी कम राशि भवन बनाने के लिए मिली है। 1.19लाख की राशि वर्तमान समय में भवन बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। शासन को और राशि उपलब्ध करानी चाहिए। - पदम सिंह परिहार, पूर्व प्रधान, आपदा पीड़ित।
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आपदा ने सबकुछ छीन लिया। अभी तो किसी तरह दिन गुजर रहे हैं। मकान का निर्माण अभी नहीं हो पाया है। बंगापानी में परिवार के साथ रहकर दिन गुजार रही हूं। उम्मीद है शासन सुध लेगा। - हीरा देवी, आपदा पीड़ित

आपदा परिवारों को अभी और राशि दी जानी है। फाइल संशोधन के लिए केंद्र सरकार के पास भेजी गई है। जिसके बाद केंद्र से तय मानकों के हिसाब से मुआवजे की राशि दी जाएगी। हालांकि पूर्व में निर्धारित मानकों के अनुसार पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है। - आरके शुक्ला, एसडीएम, धारचूला
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