{"_id":"68179d0b262f5e71700b5e10","slug":"the-meeting-for-tunnel-construction-was-again-inconclusive-pithoragarh-news-c-230-1-shld1024-127414-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: टनल निर्माण के लिए हुई बैठक फिर बेनतीजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: टनल निर्माण के लिए हुई बैठक फिर बेनतीजा
Sun, 04 May 2025 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 04 May 2025 10:29 PM IST
विज्ञापन
टनल निर्माण को लेकर बैठक करते बीआरओ के अधिकारी और ग्रामीण। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट-लिपुलेख सड़क के बुंदी और गर्ब्यांग गांवों के बीच बीआरओ की ओर से प्रस्तावित 1600 करोड़ की लागत से बनने वाली टनल के लिए की गई दूसरी बैठक भी बेनतीजा रही।
शनिवार को बीआरओ के 65 आरसीसी ग्रिफ के डेट छियालेख में मेसर्स अल्टिनोक कंसल्टिंग इंजीनियर इंक, बीआरओ के अधिकारियों और दोनों ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के साथ आयोजित हुई। ग्रामीणों ने भविष्य में टनल निर्माण कार्य से गांव को खतरा देखते हुए असहमति जताई। ग्रामीणों ने टनल के प्रस्तावित स्थल का विरोध करते हुए खोसा नामक जगह पर टनल बनाने की मांग उठाई। काफी देर चर्चा के बाद बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।
इससे पहले पहली बैठक चार अप्रैल को हुई थी जिसमें ग्रामीणों ने प्रस्तावित टनल स्थल पर असहमति जताई थी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से असहमति पत्र मिलने पर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। उसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। बैठक में कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह, ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल भावना चौकसे, मेमर्स अल्टिनोक कंसल्टिंग इंजीनियर के अधिकारी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
कोट
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जितनी महत्वपूर्ण टनल योजना है, उतना ही ग्रामीणों के गांव, खेत, खलिहान, जमीन और जंगल भी महत्वपूर्ण हैं। विभाग को भी स्थानीय ग्रामीणों की सहमति और उनके सुझाव के अनुरूप टनल निर्माण का कार्य करना चाहिए। - राजेंद्र सिंह नबियाल, अध्यक्ष व्यास जनजाति संघर्ष समिति
विज्ञापन
शनिवार को बीआरओ के 65 आरसीसी ग्रिफ के डेट छियालेख में मेसर्स अल्टिनोक कंसल्टिंग इंजीनियर इंक, बीआरओ के अधिकारियों और दोनों ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के साथ आयोजित हुई। ग्रामीणों ने भविष्य में टनल निर्माण कार्य से गांव को खतरा देखते हुए असहमति जताई। ग्रामीणों ने टनल के प्रस्तावित स्थल का विरोध करते हुए खोसा नामक जगह पर टनल बनाने की मांग उठाई। काफी देर चर्चा के बाद बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।
विज्ञापन
इससे पहले पहली बैठक चार अप्रैल को हुई थी जिसमें ग्रामीणों ने प्रस्तावित टनल स्थल पर असहमति जताई थी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से असहमति पत्र मिलने पर उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। उसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। बैठक में कमांडर कर्नल प्रशांत सिंह, ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल भावना चौकसे, मेमर्स अल्टिनोक कंसल्टिंग इंजीनियर के अधिकारी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
कोट
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जितनी महत्वपूर्ण टनल योजना है, उतना ही ग्रामीणों के गांव, खेत, खलिहान, जमीन और जंगल भी महत्वपूर्ण हैं। विभाग को भी स्थानीय ग्रामीणों की सहमति और उनके सुझाव के अनुरूप टनल निर्माण का कार्य करना चाहिए। - राजेंद्र सिंह नबियाल, अध्यक्ष व्यास जनजाति संघर्ष समिति