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Pithoragarh News: पांच साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सका अतिथि विश्राम गृह
Sun, 31 May 2026 01:47 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 31 May 2026 01:47 AM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। गंगोलीहाट के मणकनाली में पिछले पांच साल से अस्तित्व में आने का इंतजार करता अतिथि विश्राम गृह इसका प्रमाण है। पांच साल में इस विश्राम गृह का निर्माण पूर्ण नहीं किया गया है।
मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर मणकनाली में वन विभाग के विश्राम गृह का निर्माण करने के लिए मंडी परिषद ने पांच वर्ष पूर्व कार्य शुरू कराया। इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई। ठेकेदार ने एग्रीमेंट साइन कर कार्य शुरू कर दिया। विश्राम गृह में चार कमरों के साथ ही एक हॉल, शौचालय, स्नानागार, बरामदा और बाउंड्री वॉल का निर्माण होना था। मंडी परिषद के अनुसार समय पर धन नहीं मिलने के कारण निर्माण अधूरा रह गया। बाद में निर्माण की लागत भी बढ़ गई। यही नहीं इस बीच अधिकारी भी इधर से उधर हो गए।
पांच साल पहले निर्माण की लागत कितनी थी इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अब समय से निर्माण कार्य पूरा न होने पर इसकी लागत जरूर बढ़ गई है और धन न होने से इसका काम अटका है। मंडी परिषद ने 50 लाख रुपये का संशोधित प्रस्ताव शासन में भेजा है जो सरकारी फाइलों में धूल फांक रहा है। कांग्रेस अनुसूचित जाति के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा ने शीघ्र अतिथि विश्राम गृह का निर्माण पूरा किए जाने की मांग की है।
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विश्राम गृह के लिए मिला धन खत्म हो गया। संशोधित प्रस्ताव भेजकर शासन से धन की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही काम शुरू होगा। - सुयश जोशी, अवर अभियंता, मंडी परिषद, हल्द्वानी
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मुख्यालय से चार किलोमीटर दूर मणकनाली में वन विभाग के विश्राम गृह का निर्माण करने के लिए मंडी परिषद ने पांच वर्ष पूर्व कार्य शुरू कराया। इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई। ठेकेदार ने एग्रीमेंट साइन कर कार्य शुरू कर दिया। विश्राम गृह में चार कमरों के साथ ही एक हॉल, शौचालय, स्नानागार, बरामदा और बाउंड्री वॉल का निर्माण होना था। मंडी परिषद के अनुसार समय पर धन नहीं मिलने के कारण निर्माण अधूरा रह गया। बाद में निर्माण की लागत भी बढ़ गई। यही नहीं इस बीच अधिकारी भी इधर से उधर हो गए।
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पांच साल पहले निर्माण की लागत कितनी थी इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अब समय से निर्माण कार्य पूरा न होने पर इसकी लागत जरूर बढ़ गई है और धन न होने से इसका काम अटका है। मंडी परिषद ने 50 लाख रुपये का संशोधित प्रस्ताव शासन में भेजा है जो सरकारी फाइलों में धूल फांक रहा है। कांग्रेस अनुसूचित जाति के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा ने शीघ्र अतिथि विश्राम गृह का निर्माण पूरा किए जाने की मांग की है।
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विश्राम गृह के लिए मिला धन खत्म हो गया। संशोधित प्रस्ताव भेजकर शासन से धन की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही काम शुरू होगा। - सुयश जोशी, अवर अभियंता, मंडी परिषद, हल्द्वानी