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Pithoragarh News: जिला अस्पताल में मरीजों के बेड पड़े कम, बरामदे में इलाज कराना मजबूरी
Thu, 09 Oct 2025 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 09 Oct 2025 11:33 PM IST
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जिला अस्पताल के बरामदे में भर्ती मरीज। संवाद
पिथौरागढ़। मौसम बदलने के साथ ही जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। बच्चे और बुजुर्ग निमोनिया और सांस की दिक्कत से जूझ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों का दवाब बढ़ा तो बेडों की संख्या कम पड़ गई। इसके चलते कामचलाऊ व्यवस्था के तहत बरामदे में लगाए अतिरिक्त बेडों में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। आलम यह है कि अस्पताल में 120 बेड के सापेक्ष 150 मरीज भर्ती हैं।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक मौसम में बदलाव के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। चार दिन पहले रोजाना 450 से 500 लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे थे। बृहस्पतिवार को अस्पताल में ओपीडी में 650 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। अधिकतर मरीज निमोनिया और सांस की दिक्कत से परेशान थे। इनमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या अधिक थी। चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीज कतार में खड़े रहे।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि बच्चे और बुजुर्गों को भर्ती करने की नौबत आ रही है। अस्पताल की क्षमता 120 बेड की है और मरीजों की संख्या काफी अधिक हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल प्रबंधन ने बरामदे में 30 अतिरिक्त बेड लगाने पड़े हैं।
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मौसम में बदलाव पर बरतें सावधानी
चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह और शाम ठंड बढ़ने से बच्चे नियोनिया और बुजुर्ग सांस की दिक्कत से जूझ रहे हैं। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और शाम पर्याप्त कपड़ों के साथ बाहर निकलना जरूरी है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए शुद्ध पानी और पौष्टिक भोजन लाभकारी होगा।
कोट
मौसम में बदलाव के चलते मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हर मरीज को बेहतर इलाज मिले इसके लिए बरामदे में बेड लगाए गए हैं। बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। - डॉ.भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक मौसम में बदलाव के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। चार दिन पहले रोजाना 450 से 500 लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे थे। बृहस्पतिवार को अस्पताल में ओपीडी में 650 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। अधिकतर मरीज निमोनिया और सांस की दिक्कत से परेशान थे। इनमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या अधिक थी। चिकित्सकों के कक्षों के बाहर मरीज कतार में खड़े रहे।
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स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि बच्चे और बुजुर्गों को भर्ती करने की नौबत आ रही है। अस्पताल की क्षमता 120 बेड की है और मरीजों की संख्या काफी अधिक हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल प्रबंधन ने बरामदे में 30 अतिरिक्त बेड लगाने पड़े हैं।
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मौसम में बदलाव पर बरतें सावधानी
चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह और शाम ठंड बढ़ने से बच्चे नियोनिया और बुजुर्ग सांस की दिक्कत से जूझ रहे हैं। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह और शाम पर्याप्त कपड़ों के साथ बाहर निकलना जरूरी है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए शुद्ध पानी और पौष्टिक भोजन लाभकारी होगा।
कोट
मौसम में बदलाव के चलते मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हर मरीज को बेहतर इलाज मिले इसके लिए बरामदे में बेड लगाए गए हैं। बदलते मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। - डॉ.भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़