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बैंकों में अब जुटने लगी पेंशनरों की भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:36 PM IST
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पिथौरागढ़ स्टेट बैंक में रुपए लेने के लिए कतार में लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
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महीने का अंतिम दिन होने की वजह से बुधवार को सभी बैंकों में पेंशनरों की भारी भीड़ रही। स्टेट बैंक में सेना के पेंशनरों के अलावा सिविल पेंशनरों के भी खाते हैं। इसके अलावा सेंट्रल बैंक, सहकारी बैंक में भी कई पेंशनरों ने खाते खोल रखे हैं। पेंशनरों को भी भुुगतान की उसी समस्या से जूझना पड़ रहा है, जैसा आम लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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स्टेट बैंक के रोकड़ अधिकारी कन्हैया लाल ने बताया कि बैंक की मुख्य शाखा में सिर्फ दो या तीन दिन का कैश बचा है। यदि इस अवधि में रिजर्व बैंक से और कैश नहीं आया तो आसपास की शाखाओं से कैश मंगाना पड़ेगा। इस समय बैंक के पास करेंसी के नाम पर सिक्के काफी मात्रा में हैं। कुछ समय तक सिक्कों से काम चलाया जाएगा। नगर की सभी बैंक शाखाओं से कैश की डिमांड आ रही है। इसे पूरा कर पाना फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। नगर के सभी बैंकों में एक सी स्थिति चल रही है। सबसे ज्यादा मुसीबत पेंशनरों को होने वाली है क्योंकि वह महीने का पूरा खर्चा एक ही बार बैंक से निकाल लेते थे, लेकिन कोई भी बैंक बड़ी रकम का भुगतान कर पाने की स्थिति में नहीं है।
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अब बैंक और डाकघर को भेजे जा रहे सिक्के
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में नोटों की कमी होने के कारण अब जिन अन्य बैंकों या डाकघर से कैश की डिमांड आ रही है, वहां सिक्के भेजे जा रहे हैं। बुधवार को मजदूरों के माध्यम से मुख्य डाकघर को बोरों में भरकर सिक्के भेजे गए। शाखा प्रबंधक एमआर तिरुवा ने बताया कि कुछ समय तक सिक्कों से ही काम चलाना होगा। कैश आने तक यह समस्या बनी रहेगी।
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देर तक नहीं चला स्टेट बैंक का एटीएम
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में लगा एटीएम बुधवार को दोपहर बाद तक नहीं चल पाया है। इसमें जो कैश डाला गया था वह रात में समाप्त हो गया। नए सिरे से कैश डालने वाली टीम नहीं पहुंची थी। ग्रामीण अंचलों से एटीएम से पैसा निकालने के लिए पहुंचे लोग घंटों तक इंतजार करते रहे। एटीएम से सिर्फ दो हजार रुपए निकल रहे हैं।
लोन लेने के लिए कोई नहीं जा रहा बैंक
स्टेट बैंक के उप प्रबंधक लोन अमर सिंह तितियाल ने बताया कि नोटबंदी के बाद अब तक कार लोन, पेंशन लोन, निजी लोन और हाउसिंग लोन लेने वाले लोग नहीं आए। रिजर्व बैंक के नए नियम के तहत लोन लेने वाले के खाते में पैसा डाला जाएगा। बाद में वह चेक के माध्यम से इस राशि को निकाल सकता है। इस प्रक्रिया के चलते अब लोन लेने वाले नहीं आ रहे हैं। अब तक किसी ने गोल्ड लोन भी नहीं लिया है। कृषि लोन की सीमा अब 50 हजार हो गई है, लेकिन वह भी खाते में ही पड़ेगा।