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रंग लाया संघर्ष, नामिक के लिए बनने लगी सड़क
Fri, 04 Jan 2019 10:36 PM IST
kamlesh kamlesh
कालिका रावल/जीवन दानू/अमर उजाला, पिथौरागढ़/नाचनी
कालिका रावल/जीवन दानू/अमर उजाला, पिथौरागढ़/नाचनी
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 04 Jan 2019 10:36 PM IST
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मुनस्यारी के होकरा से नामिक को कटी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
नामिक और हीरामणि ग्लेशियर की तलहटी पर बसे खूबसूरत गांव नामिक के लोगों का संघर्ष आखिरकार रंग लाया और नामिक के लिए सड़क बनने लगी है। इस सड़क को वर्ष 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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सड़क से 27 किमी दूर 224 परिवार वाले नामिक गांव के लोग कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। अमर उजाला ने इस मांग को शासन तंत्र तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अमर उजाला की टीम ने अप्रैल 2014 में नामिक का जायजा लेकर वहां की असल तस्वीर सरकारी तंत्र के सामने रखी थी। इस पर वर्ष 2015 में होकरा से नामिक के लिए 17 करोड़, 57 लाख 98 हजार रुपये की लागत से 17.340 किमी सड़क मंजूर हुई।
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15 सितंबर 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सड़क का शिलान्यास किया, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण न होने से सड़क का काम शुरू नहीं हुआ। आखिरकार मार्च 2018 के बाद होकरा-नामिक सड़क का काम शुरू हुआ। ग्राम प्रधान तुलसी जेम्याल कहती हैं कि नामिक के लिए सड़क स्वीकृत कराने और काम शुरू कराने में अमर उजाला का अहम योगदान रहा है।
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नामिक सड़क करीब डेढ़ किमी कट चुकी है। जनवरी तक गौला गांव तक तीन किमी सड़क का निर्माण हो जाएगा। वर्ष 2019 तक नामिक सड़क पहुंचाने का लक्ष्य है। -विवेक धर्मशक्तू, अवर अभियंता पीएमजीएसवाई डिविजन धारचूला।