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थल-मुनस्यारी सड़क 16 घंटे तक बंद रही
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
Updated Sun, 12 Aug 2018 10:30 PM IST
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नाचनी मुनस्यारी मार्ग में हरड़िया नाले की सफाई करती पोकलैंड
- फोटो : अमर उजाला
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रातीगाड़ के पास भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से थल-मुनस्यारी सड़क 16 घंटे से भी अधिक समय तक बंद रही। इससे मुनस्यारी को खाद्यान्न आदि सामग्री ले जा रहे करीब 25 ट्रक फंस गए। सड़क पर रातीगाड़ और हरड़िया के पास लगातार हो रहे भूस्खलन से खतरा बना है।
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थल-मुनस्यारी सड़क शनिवार रात 10 बजे मलबा आने से बंद हो गई। पहाड़ी के ऊपर से मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं तो नीचे से रामगंगा नदी कटान कर रही है। करीब ढाई सौ मीटर लंबे क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के बाद से भूस्खलन का खतरा काफी अधिक बढ़ गया है। आपदा से रामगंगा में बाढ़ आई तो सड़क के नीचे से तेजी से कटाव भी शुरू हो गया जो अब तक जारी है। भूस्खलन से बोरागांव को भी खतरा बना है। हरड़िया के पास नया डेंजर जोन बनने से पहाड़ी लगातार दरक रही है और पत्थर गिर रहे हैं।
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नतीजतन आए दिन सड़क बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी को खाद्यान्न ले कर जा रहे करीब 25 ट्रक रसियाबगड़ में फंसे हैं। यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क पर कीचड़ के चलते पैदल आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। लोनिवि कर्मी जेसीबी से मलबा हटाने में जुटे हैं। रविवार अपरान्ह 2 बजे सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया था।
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पानी और लाल मिट्टी से भरा भुजगढ़ पुल
नाचनी। थल-मुनस्यारी सड़क पर भुजगढ़ नदी पर बना 70 मीटर लंबा पुल लाल मिट्टी और बरसाती पानी से करीब डेढ़ फुट तक भर गया है। इससे लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धामी गांव से आने वाला पानी सीधा पुल पर ही गिर रहा है। लोनिवि के अवर अभियंता योगेश चौबे ने बताया कि धामीगांव में मकान बनने के कारण लोगों ने स्क्रबर बंद कर दिए हैं। इसके चलते पानी सीधा पुल पर जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।