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Pithoragarh News: तेजम का ऐलोपैथिक अस्पताल खुद बीमार
Sun, 29 Sep 2024 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 29 Sep 2024 10:29 PM IST
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तेजम में झाड़ियों से घिरा अस्पताल का डॉक्टर आवास। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम तहसील मुख्यालय में 62 वर्ष पूर्व स्थापित ऐलोपैथिक अस्पताल का भवन, आवास जीर्णशीर्ण हालत में है। अस्पताल में स्वच्छक होने के बावजूद पूरा परिसर बिच्छू घास और झाड़ियों से पटा है। चिकित्सकों ने मुख्यालय से चार किमी दूर किराये का आवास लिया है। इससे आकस्मिक रात में अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता है।
तेजम गांव के पूर्व प्रधान हरीश सिंह रावत ने बताया कि तल्ला जोहार के 50 और बागेश्वर जिले के 20 गांवों की 60,000 की आबादी के लिए वर्ष 1962 में अस्पताल खोला गया था। उस समय बने अस्पताल भवनों की हालत बेहद खराब हो गई है।
चिकित्सक आवास रहने योग्य नहीं है। कई बार विभाग ने मरम्मत में लाखों रुपये खर्च कर दिए। निम्न स्तर का कार्य होने से यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। चिकित्सकों ने भी कस्बे से चार किमी दूर रसियाबगड़ में आवास बनाया है। इससे आपातकालीन मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि चिकित्सकों को कस्बे में ही आवास लेने को कहा जा रहा है। कहा कि शीघ्र ही अस्पताल का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा।
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तेजम गांव के पूर्व प्रधान हरीश सिंह रावत ने बताया कि तल्ला जोहार के 50 और बागेश्वर जिले के 20 गांवों की 60,000 की आबादी के लिए वर्ष 1962 में अस्पताल खोला गया था। उस समय बने अस्पताल भवनों की हालत बेहद खराब हो गई है।
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चिकित्सक आवास रहने योग्य नहीं है। कई बार विभाग ने मरम्मत में लाखों रुपये खर्च कर दिए। निम्न स्तर का कार्य होने से यह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। चिकित्सकों ने भी कस्बे से चार किमी दूर रसियाबगड़ में आवास बनाया है। इससे आपातकालीन मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि चिकित्सकों को कस्बे में ही आवास लेने को कहा जा रहा है। कहा कि शीघ्र ही अस्पताल का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा।