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Pithoragarh News: नदियों से घिरा तेजम कस्बा खतरे में
Sun, 17 Mar 2024 09:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 17 Mar 2024 09:03 PM IST
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तेजम कस्बे के पास स्थित रामगंगा और जाकुला नदी। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। तेजम तहसील मुख्यालय क्षेत्र जाकुला और रामगंगा नदी के कटाव के कारण खतरे की जद में हैं। करीब 24 अनुसूचित जाति के परिवारों के अलावा 12 सरकारी विभागों के कार्यालय भवन भी खतरे के साये में हैं। तीन दशकों से क्षेत्रवासी सरकार से दोनों नदियों के कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा तटबंध निर्माण की गुहार लगा रहे है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जाकुला नदी से 35 मीटर की दूरी पर निवास करने वाली पूर्व प्रधान कमला देवी ने बताया बरसात के मौसम में 24 परिवारों को रातभर जागना पड़ता है। हर समय नदियों के जल स्तर की निगरानी करनी पड़ती है। जल स्तर बढ़ने पर बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ता है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का भंडार, पशु चिकित्सालय, प्राथमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज, आंगनबाड़ी, तहसील कार्यालय और केंद्रीय जल माप विभाग के भवन भी खतरे की जद में हैं। क्षेत्र के कुंदन राम, हरीश राम, भगत राम, रंजीत राम, कैलाश राम आदि ने प्रदेश सरकार से शीघ्र सुरक्षा तटबंध निर्माण किए जाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो कभी भी आपदा से नुकसान पहुंच सकता है। संवाद
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जाकुला नदी से 35 मीटर की दूरी पर निवास करने वाली पूर्व प्रधान कमला देवी ने बताया बरसात के मौसम में 24 परिवारों को रातभर जागना पड़ता है। हर समय नदियों के जल स्तर की निगरानी करनी पड़ती है। जल स्तर बढ़ने पर बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ता है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का भंडार, पशु चिकित्सालय, प्राथमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज, आंगनबाड़ी, तहसील कार्यालय और केंद्रीय जल माप विभाग के भवन भी खतरे की जद में हैं। क्षेत्र के कुंदन राम, हरीश राम, भगत राम, रंजीत राम, कैलाश राम आदि ने प्रदेश सरकार से शीघ्र सुरक्षा तटबंध निर्माण किए जाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो कभी भी आपदा से नुकसान पहुंच सकता है। संवाद
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