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Pithoragarh News: प्रावि अनरगांव में छाता लगाकर बच्चों को पढ़ाने को मजबूर शिक्षक
Thu, 06 Jul 2023 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 06 Jul 2023 10:53 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। प्राथमिक विद्यालय अनरगांव में शिक्षक बारिश के मौसम में छाता लगाकर बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। तेज बारिश होने पर बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। शिक्षकों को स्कूल का समय पूरा होने तक छाता लगाकर ही बैठे रहना पड़ता है। यही हाल जूनियर हाईस्कूल गानूरा और प्राथमिक विद्यालय गानूरा का भी है। प्राथमिक विद्यालय में एक से पांच तक पढ़ने वाले बच्चे एक ही कक्ष में बैठकर शिक्षा लेने के लिए मजबूर हैं।
प्राथमिक विद्यालय अनरगांव का भवन तीन वर्ष पूर्व ध्वस्त हो गया था। इतने वर्ष बाद भी नया भवन नहीं बनाया गया न ही पुराने भवन का सुधार किया गया। विद्यालय में छह बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय में स्थायी शिक्षक भी नहीं है। प्राथमिक विद्यालय गानूरा के दो अध्यापकों में से एक अध्यापक की व्यवस्था अनरगांव में की गई है। इन बच्चों के बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश होने पर शिक्षक छाता लगाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। अधिक बारिश होने पर बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय अनरगांव के सबसे नजदीक स्थित प्राथमिक विद्यालय गानुरा और जूनियर हाईस्कूल गानुरा के विद्यालय भवन भी ध्वस्त हो चुके हैं। इन विद्यालयों में बीपीएल परिवार के बच्चे पढ़ने आते हैं लेकिन कभी धूप तो कभी बारिश की वजह से बच्चे अधिकतर दिन छुट्टी पर ही रहते हैं। प्राथमिक विद्यालय गानुरा में कुल 33 बच्चे अध्ययनरत हैं जो एक ही कक्ष में शिक्षा लेने को मजबूर हैं। जूनियर हाईस्कूल में सात बच्चे हैं वे भी जीर्णशीर्ण कमरे में पढ़ते हैं।
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तीन साल पहले भेजे थे प्रस्ताव अभी तक नहीं हुई कार्यवाही
पिथौरागढ़। तीनों विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव समग्र शिक्षा अभियान के तहत शासन को भेजे थे। इसके बाद भी अभी तक विद्यालय भवन नहीं बन पाए हैं। अभिभावक पार्वती देवी, विमला देवी, शीला देवी, भगवान सिंह, गोविंद सिंह, राजेंद्र सिंह, आनंद सिंह, राजन सिंह, माधवी देवी, परुली देवी और राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि विभाग से बार-बार कहने के बाद भी विद्यालय भवनों का सुधार नहीं हो पा रहा है। इससे नौनिहालों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। संवाद
कोट
तीनों विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रस्तावों को अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य हो सकेगा। - रमेश चंद्र मौर्या, खंड शिक्षा अधिकारी गंगोलीहाट।
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इनसेट
15 दिन में हो विद्यालय भवन की मरम्मत, नहीं तो करेंगे चक्काजाम
पिथौरागढ़। राजकीय प्राथमिक विद्यालय धुरौली की मरम्मत की मांग के लिए राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला संयोजक जगदीश कुमार ने डीएम को पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्राथमिक विद्यालय का जीर्णशीर्ण अवस्था में है। विद्यालय भवन की छत टपक रही है। बरसात के मौसम में बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर विद्यालय भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो पिथौरागढ़-थल सड़क पर चक्काजाम किया जाएगा। संवाद
फोटो विवरण-06पीटीएच01पी-पिथौरागढ़ में डीएम रीना जोशी को ज्ञापन देते जगदीश कुमार। संवाद
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बिना प्रतिस्थानी के शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से नाराजगी
पिथौरागढ। विकासखंड मुनस्यारी और धारचूला से बिना प्रतिस्थानी के शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने पर सीमांत के पंचायत प्रतिनिधि नाराज हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि डीएम और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा है कि सीमांत के विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद बिना प्रतिस्थानी के ही शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सीमांत क्षेत्र में पिछले वर्ष 93 शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ था। उनके सापेक्ष मात्र 37 नए अध्यापक सीमा क्षेत्र में स्थित विकासखंड मुनस्यारी और धारचूला में पहुंचे हैं।
अब इस बार हुए बंपर स्थानांतरण के बाद सीमांत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने लगी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री सीमा क्षेत्र में शिक्षकों के रिक्त पदों पर तैनाती करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले में सीमा के पंचायत प्रतिनिधि मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आंदोलन करेंगे। संवाद
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तलियाबांज हाईस्कूल के उच्चीकरण की मांग
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने सीएम कैंप कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
बोले, इंटर की पढ़ाई के लिए बच्चों को होना पड़ रहा है परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। सूखीढांग क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तलियाबांज को उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज की मान्यता दिए जाने की मांग की गई है। इस संबंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है।
विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार को सौंपे गए ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि तलियाबांज के राउमावि को वर्ष 2012 में उच्चीकृत किया गया था लेकिन अब बढ़ती छात्र संख्या और इंटर की पढ़ाई को लेकर बच्चों की परेशानी को देखते हुए उसे उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज बनाया जाना जरूरी है।
कहा कि तलियाबांज के हाईस्कूल में मथियाबांज, बुडम, कठौल, धूरा आदि ग्राम पंचायतों के बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिल रही है लेकिन इंटर की शिक्षा के लिए बच्चों को अब भी बाहरी क्षेत्र के स्कूलों में जाना पड़ रहा है या फिर हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से विद्यालय को उच्चीकृत कर इंटर की मान्यता दिलाने की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में मथियाबांज की ग्राम प्रधान बीना देवी, बुडम के प्रधान मोहन सिंह, नौलापानी की प्रधान गीता देवी, समाजसेवी पं. शंकर दत्त जोशी, हरीश जोशी, प्रकाश चंद, रघुवर सिंह आदि शामिल रहे।
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प्राथमिक विद्यालय अनरगांव का भवन तीन वर्ष पूर्व ध्वस्त हो गया था। इतने वर्ष बाद भी नया भवन नहीं बनाया गया न ही पुराने भवन का सुधार किया गया। विद्यालय में छह बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय में स्थायी शिक्षक भी नहीं है। प्राथमिक विद्यालय गानूरा के दो अध्यापकों में से एक अध्यापक की व्यवस्था अनरगांव में की गई है। इन बच्चों के बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश होने पर शिक्षक छाता लगाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। अधिक बारिश होने पर बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है।
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय अनरगांव के सबसे नजदीक स्थित प्राथमिक विद्यालय गानुरा और जूनियर हाईस्कूल गानुरा के विद्यालय भवन भी ध्वस्त हो चुके हैं। इन विद्यालयों में बीपीएल परिवार के बच्चे पढ़ने आते हैं लेकिन कभी धूप तो कभी बारिश की वजह से बच्चे अधिकतर दिन छुट्टी पर ही रहते हैं। प्राथमिक विद्यालय गानुरा में कुल 33 बच्चे अध्ययनरत हैं जो एक ही कक्ष में शिक्षा लेने को मजबूर हैं। जूनियर हाईस्कूल में सात बच्चे हैं वे भी जीर्णशीर्ण कमरे में पढ़ते हैं।
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तीन साल पहले भेजे थे प्रस्ताव अभी तक नहीं हुई कार्यवाही
पिथौरागढ़। तीनों विद्यालयों के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव समग्र शिक्षा अभियान के तहत शासन को भेजे थे। इसके बाद भी अभी तक विद्यालय भवन नहीं बन पाए हैं। अभिभावक पार्वती देवी, विमला देवी, शीला देवी, भगवान सिंह, गोविंद सिंह, राजेंद्र सिंह, आनंद सिंह, राजन सिंह, माधवी देवी, परुली देवी और राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि विभाग से बार-बार कहने के बाद भी विद्यालय भवनों का सुधार नहीं हो पा रहा है। इससे नौनिहालों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। संवाद
कोट
तीनों विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रस्तावों को अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य हो सकेगा। - रमेश चंद्र मौर्या, खंड शिक्षा अधिकारी गंगोलीहाट।
इनसेट
15 दिन में हो विद्यालय भवन की मरम्मत, नहीं तो करेंगे चक्काजाम
पिथौरागढ़। राजकीय प्राथमिक विद्यालय धुरौली की मरम्मत की मांग के लिए राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिला संयोजक जगदीश कुमार ने डीएम को पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्राथमिक विद्यालय का जीर्णशीर्ण अवस्था में है। विद्यालय भवन की छत टपक रही है। बरसात के मौसम में बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर विद्यालय भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो पिथौरागढ़-थल सड़क पर चक्काजाम किया जाएगा। संवाद
फोटो विवरण-06पीटीएच01पी-पिथौरागढ़ में डीएम रीना जोशी को ज्ञापन देते जगदीश कुमार। संवाद
बिना प्रतिस्थानी के शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से नाराजगी
पिथौरागढ। विकासखंड मुनस्यारी और धारचूला से बिना प्रतिस्थानी के शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने पर सीमांत के पंचायत प्रतिनिधि नाराज हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि डीएम और माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा है कि सीमांत के विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद बिना प्रतिस्थानी के ही शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सीमांत क्षेत्र में पिछले वर्ष 93 शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ था। उनके सापेक्ष मात्र 37 नए अध्यापक सीमा क्षेत्र में स्थित विकासखंड मुनस्यारी और धारचूला में पहुंचे हैं।
अब इस बार हुए बंपर स्थानांतरण के बाद सीमांत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने लगी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री सीमा क्षेत्र में शिक्षकों के रिक्त पदों पर तैनाती करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले में सीमा के पंचायत प्रतिनिधि मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आंदोलन करेंगे। संवाद
तलियाबांज हाईस्कूल के उच्चीकरण की मांग
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने सीएम कैंप कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
बोले, इंटर की पढ़ाई के लिए बच्चों को होना पड़ रहा है परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। सूखीढांग क्षेत्र के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तलियाबांज को उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज की मान्यता दिए जाने की मांग की गई है। इस संबंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है।
विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार को सौंपे गए ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि तलियाबांज के राउमावि को वर्ष 2012 में उच्चीकृत किया गया था लेकिन अब बढ़ती छात्र संख्या और इंटर की पढ़ाई को लेकर बच्चों की परेशानी को देखते हुए उसे उच्चीकृत कर इंटर कॉलेज बनाया जाना जरूरी है।
कहा कि तलियाबांज के हाईस्कूल में मथियाबांज, बुडम, कठौल, धूरा आदि ग्राम पंचायतों के बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिल रही है लेकिन इंटर की शिक्षा के लिए बच्चों को अब भी बाहरी क्षेत्र के स्कूलों में जाना पड़ रहा है या फिर हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से विद्यालय को उच्चीकृत कर इंटर की मान्यता दिलाने की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में मथियाबांज की ग्राम प्रधान बीना देवी, बुडम के प्रधान मोहन सिंह, नौलापानी की प्रधान गीता देवी, समाजसेवी पं. शंकर दत्त जोशी, हरीश जोशी, प्रकाश चंद, रघुवर सिंह आदि शामिल रहे।