{"_id":"6541382fe5d847c85009feb8","slug":"six-years-ago-the-bridge-washed-away-in-a-disaster-now-those-responsible-turned-a-blind-eye-pithoragarh-news-c-230-1-shld1024-6406-2023-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: छह साल पहले आपदा में पुल बहा, अब जिम्मेदारों ने आंखें मूंद लीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: छह साल पहले आपदा में पुल बहा, अब जिम्मेदारों ने आंखें मूंद लीं
Tue, 31 Oct 2023 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 31 Oct 2023 10:53 PM IST
विज्ञापन
टूटे पुल से इस तरह आवाजाही कर रहे हैं ग्रामीण। संवाद
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। वर्ष 2018 की आपदा में बहा सेनर नदी का पुल आज तक नहीं बन पाया है। स्थायी पुल नहीं होने से पांच हजार की आबादी कच्चे पुल से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर है। छह साल बाद भी प्रशासन और अन्य जिम्मेदारों ने पुल को नए सिरे से बनाने की कोई पहल नहीं की है। क्षेत्रवासियों ने जल्द पुल का निर्माण नहीं कराने पर एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कुलथम के ग्रामीणों ने कहा है कि सुरिंगगाड़ में सेनर नदी पर बना पुल वर्ष 2018 की आपदा में बह गया था। कुछ समय पूर्व लकड़ी का पुल बनाया गया था। इस बार अगस्त में नदी का जल स्तर बढ़ने पर वह पुल भी बह गया। पुल का अब सिर्फ एबटमेंट बचा हुआ है। उस पर सीढ़ी लगाकर कुलथम, ढिमढिमियां, फल्याटी, उच्छैती और धूरातोली गांवों के लोग लकड़ी के सहारे नदी से आवाजाही कर रहे हैं।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दान सिंह बगरी, प्रेम सिंह सुयाल, जगदीश सिंह, चरण सिंह बिष्ट, दीपक पवार, भूपेंद्र सिंह खड़ायत आदि का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन से मांग करने के बावजूद उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द पुल का निर्माण नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एसडीएम कार्यालय में धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलथम के ग्रामीणों ने कहा है कि सुरिंगगाड़ में सेनर नदी पर बना पुल वर्ष 2018 की आपदा में बह गया था। कुछ समय पूर्व लकड़ी का पुल बनाया गया था। इस बार अगस्त में नदी का जल स्तर बढ़ने पर वह पुल भी बह गया। पुल का अब सिर्फ एबटमेंट बचा हुआ है। उस पर सीढ़ी लगाकर कुलथम, ढिमढिमियां, फल्याटी, उच्छैती और धूरातोली गांवों के लोग लकड़ी के सहारे नदी से आवाजाही कर रहे हैं।
विज्ञापन
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दान सिंह बगरी, प्रेम सिंह सुयाल, जगदीश सिंह, चरण सिंह बिष्ट, दीपक पवार, भूपेंद्र सिंह खड़ायत आदि का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन से मांग करने के बावजूद उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द पुल का निर्माण नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एसडीएम कार्यालय में धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन