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Pithoragarh News: सात साल से एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है प्राथमिक विद्यालय खेतार कन्याल
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। राजि जनजाति के बच्चों के लिए खोला गया डीडीहाट विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय पिछले सात साल से एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है। यहां पर शिक्षक की नियुक्ति को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। विद्यालय भवन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
खेतार कन्याल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी में वनराजि बच्चों की शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालय खोला गया था। यह विद्यालय वर्ष 2015 से एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है। लंबे समय से स्थानीय लोग और ग्रामीण यहां पर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। विद्यालय भवन की छत पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गई है। हल्की सी बरसात में छत टपकने लगती है। जिससे राजि वनजाति के बच्चों को दिक्कत होती है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां पर नया भवन बनाने की मांग कर रहे हैं मगर इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। विद्यालय में सिर्फ एक शिक्षिका के होने से छात्र-छात्राओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि सारे बच्चे अलग-अलग कक्षाओं के हैं। शिक्षिका मजबूरन 16 बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। जिससे अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षिका के बीमार होने पर कई बार मजबूरी में विद्यालय बंद भी रहता है।
ऐसे कैसे होगा वनराजि बच्चों का सर्वांगीण विकास
पिथौरागढ़। सरकार वनराजियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तमाम दावे करती है, लेकिन सरकार के ये दावे अभी तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं। ग्रामीण पूरन सिंह ने सरकार और जिला प्रशासन से शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
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वर्ष 2015 से राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी में अकेली कार्यरत हूं। सभी बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाना पढ़ता है। विद्यालय की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई है जो हल्की सी बारिश में टपकती है।
राधिका कन्याल, शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी।
विद्यालय भवन के निर्माण के लिए जल्द प्रस्ताव बनाया जाएगा। नई नियुक्तियां होने पर विद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति कर दी जाएगी।
डीसी सती, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक।
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खेतार कन्याल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी में वनराजि बच्चों की शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालय खोला गया था। यह विद्यालय वर्ष 2015 से एकल शिक्षक के भरोसे चल रहा है। लंबे समय से स्थानीय लोग और ग्रामीण यहां पर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। विद्यालय भवन की छत पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गई है। हल्की सी बरसात में छत टपकने लगती है। जिससे राजि वनजाति के बच्चों को दिक्कत होती है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां पर नया भवन बनाने की मांग कर रहे हैं मगर इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। विद्यालय में सिर्फ एक शिक्षिका के होने से छात्र-छात्राओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि सारे बच्चे अलग-अलग कक्षाओं के हैं। शिक्षिका मजबूरन 16 बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। जिससे अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षिका के बीमार होने पर कई बार मजबूरी में विद्यालय बंद भी रहता है।
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ऐसे कैसे होगा वनराजि बच्चों का सर्वांगीण विकास
पिथौरागढ़। सरकार वनराजियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तमाम दावे करती है, लेकिन सरकार के ये दावे अभी तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं। ग्रामीण पूरन सिंह ने सरकार और जिला प्रशासन से शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
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वर्ष 2015 से राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी में अकेली कार्यरत हूं। सभी बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाना पढ़ता है। विद्यालय की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई है जो हल्की सी बारिश में टपकती है।
राधिका कन्याल, शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय कूटा चौरानी।
विद्यालय भवन के निर्माण के लिए जल्द प्रस्ताव बनाया जाएगा। नई नियुक्तियां होने पर विद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति कर दी जाएगी।
डीसी सती, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक।