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Pithoragarh News: जिला अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं का टोटा
Sun, 20 Sep 2026 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:29 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं और जरूरी मेडिकल सामग्री की भारी कमी बनी हुई है। इसके कारण चिकित्सकों को बाहर की दवाइयां लिखनी पड़ रही हैं और मरीजों पर बेवजह आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
पिथौरागढ़ के अलावा चंपावत और पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण जरूरी संसाधनों का अकाल है। आलम यह है कि चिकित्सकों को ऑपरेशन के लिए जरूरी ग्लब्स और मास्क जैसी बुनियादी सामग्री भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसके लिए उन्हें आपातकालीन कक्ष से मांग कर काम चलाना पड़ रहा है।
अस्पताल के नेत्र विभाग में भी स्थिति दयनीय बनी हुई है, जहां आंखों से जुड़ी 15 से 20 प्रकार की जरूरी दवाएं नहीं हैं और केवल गिनी-चुनी दवाएं ही उपलब्ध हैं। नेत्र, सर्जरी और ऑर्थो विभागों में रोजाना लगभग 12 से 15 ऑपरेशन किए जाते हैं।
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चिकित्सक और फार्मासिस्ट कई बार उच्च प्रबंधन से जीवन रक्षक दवाओं व ऑपरेशन सामग्री की मांग कर चुके हैं लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। संसाधनों की इस किल्लत से मरीज परेशान हैं।
...............
जिला अस्पताल प्रबंधन ने जीवन रक्षक दवाओं और अन्य सामग्री की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा है। दवाओं और अन्य सामग्री लेने के लिए टीम रवाना की जा रही है।
- डॉ.डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ के अलावा चंपावत और पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण जरूरी संसाधनों का अकाल है। आलम यह है कि चिकित्सकों को ऑपरेशन के लिए जरूरी ग्लब्स और मास्क जैसी बुनियादी सामग्री भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिसके लिए उन्हें आपातकालीन कक्ष से मांग कर काम चलाना पड़ रहा है।
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अस्पताल के नेत्र विभाग में भी स्थिति दयनीय बनी हुई है, जहां आंखों से जुड़ी 15 से 20 प्रकार की जरूरी दवाएं नहीं हैं और केवल गिनी-चुनी दवाएं ही उपलब्ध हैं। नेत्र, सर्जरी और ऑर्थो विभागों में रोजाना लगभग 12 से 15 ऑपरेशन किए जाते हैं।
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चिकित्सक और फार्मासिस्ट कई बार उच्च प्रबंधन से जीवन रक्षक दवाओं व ऑपरेशन सामग्री की मांग कर चुके हैं लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। संसाधनों की इस किल्लत से मरीज परेशान हैं।
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जिला अस्पताल प्रबंधन ने जीवन रक्षक दवाओं और अन्य सामग्री की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा है। दवाओं और अन्य सामग्री लेने के लिए टीम रवाना की जा रही है।
- डॉ.डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़