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Pithoragarh News: खड़िया खनन क्षेत्र में भूस्खलन से खतरे में मनगढ़ के सात परिवार
Sat, 05 Sep 2026 11:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:03 PM IST
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बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। भारी बारिश के बाद मनगढ़ गांव एक बार फिर खतरे की जद में आ गया है। खड़िया खनन क्षेत्र में भूस्खलन होने से कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षा के इंतजाम करने के बजाय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को ही घर खाली करने का नोटिस थमा दिया है।
दो साल पहले आपदा से मिले जख्म अब तक नहीं भरे हैं। इस बीच क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद मनगढ़ गांव में खड़िया खनन क्षेत्र से फिर मलबा गिरना शुरू हो गया है। ग्राम प्रधान कवींद्र सिंह ने बताया कि खड़िया की खदानों से लगातार मलबा गिरने के कारण बहादुर सिंह, बिशन सिंह, राम सिंह, मोहन सिंह, राजन सिंह, कवींद्र सिंह और संजय सिंह के मकान खतरे में आ गए हैं। इन मकानों में रहना अब खतरे से खाली नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के साथ अन्य ग्रामीण भी पूरी रात सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों को पहाड़ी की लगातार निगरानी करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि पिछले दो साल से ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षित विस्थापन की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार भी प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बजाय घर खाली करने का नोटिस दिया गया है। ग्रामीणों ने शीघ्र विस्थापन न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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दो साल पहले भी 19 घरों को पहुंचा नुकसान
मनगढ़ गांव में 12 सितंबर 2024 को भारी भूस्खलन हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार गांव के ऊपर बनी खड़िया खदानें इसके प्रमुख कारणों में शामिल थीं। घटना में सात मकान जमींदोज हो गए थे जबकि 12 से अधिक घर खतरे की जद में आ गए थे। प्रभावित परिवारों ने समय रहते अपने घर खाली कर दिए थे, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई। ग्रामीणों ने अपनी आंखों के सामने अपने आशियानों को टूटते देखा था। उस समय प्रशासन ने प्रभावितों के विस्थापन का आश्वासन दिया था लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया है।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
मनगढ़ गांव में भूस्खलन की सूचना मिलने पर विधायक फकीर राम टम्टा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। विधायक ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। आपदा प्रभावितों ने विधायक से सुरक्षित विस्थापन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की।
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मनगढ़ गांव में आपदा के खतरे को को देखते हुए पांच परिवारों को घर खाली करने का नोटिस दिया गया है। प्रभावितों को पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। प्रभावितों के विस्थान की कार्रवाई भी होगी।
-दयाल चंद्र मिश्रा, तहसीलदार, बेड़ीनाग
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दो साल पहले आपदा से मिले जख्म अब तक नहीं भरे हैं। इस बीच क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद मनगढ़ गांव में खड़िया खनन क्षेत्र से फिर मलबा गिरना शुरू हो गया है। ग्राम प्रधान कवींद्र सिंह ने बताया कि खड़िया की खदानों से लगातार मलबा गिरने के कारण बहादुर सिंह, बिशन सिंह, राम सिंह, मोहन सिंह, राजन सिंह, कवींद्र सिंह और संजय सिंह के मकान खतरे में आ गए हैं। इन मकानों में रहना अब खतरे से खाली नहीं है।
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उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के साथ अन्य ग्रामीण भी पूरी रात सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों को पहाड़ी की लगातार निगरानी करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि पिछले दो साल से ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षित विस्थापन की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार भी प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बजाय घर खाली करने का नोटिस दिया गया है। ग्रामीणों ने शीघ्र विस्थापन न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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दो साल पहले भी 19 घरों को पहुंचा नुकसान
मनगढ़ गांव में 12 सितंबर 2024 को भारी भूस्खलन हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार गांव के ऊपर बनी खड़िया खदानें इसके प्रमुख कारणों में शामिल थीं। घटना में सात मकान जमींदोज हो गए थे जबकि 12 से अधिक घर खतरे की जद में आ गए थे। प्रभावित परिवारों ने समय रहते अपने घर खाली कर दिए थे, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई। ग्रामीणों ने अपनी आंखों के सामने अपने आशियानों को टूटते देखा था। उस समय प्रशासन ने प्रभावितों के विस्थापन का आश्वासन दिया था लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया है।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
मनगढ़ गांव में भूस्खलन की सूचना मिलने पर विधायक फकीर राम टम्टा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। विधायक ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। आपदा प्रभावितों ने विधायक से सुरक्षित विस्थापन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की।
मनगढ़ गांव में आपदा के खतरे को को देखते हुए पांच परिवारों को घर खाली करने का नोटिस दिया गया है। प्रभावितों को पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। प्रभावितों के विस्थान की कार्रवाई भी होगी।
-दयाल चंद्र मिश्रा, तहसीलदार, बेड़ीनाग