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सेरा की पुलिया पर जाेखिम का सफर

Fri, 05 Jul 2019 10:37 PM IST
kamlesh kamlesh अमर उजाला, ब्यूराे/पिथौरागढ़।
अमर उजाला, ब्यूराे/पिथौरागढ़। Published by: kamlesh kamlesh Updated Fri, 05 Jul 2019 10:37 PM IST
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sera kee puliya par jaaekhim ka sapharacharas ke saath pakadee gaee mahila.
सेरा की खतरनाक पुलिया। - फोटो : अमर उजाला
बरसात आते ही नदी, नाले उफनाने लगे हैं। नदी, नाले लोगों की जान के लिए जोखिम बनने लगे हैं। मुनस्यारी विकासखंड के सेरा गांव के रजिया गधेरे के उफान पर आने से लकड़ी की अस्थायी पुलिया के लिए खतरा पैदा हो गया है। पुलिया से जान जोखिम में डालकर आवागमन हो रहा है।
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गधेरे में बनी पुलिया एक जुलाई 2018 की अतिवृष्टि में बह गई थी। बरसात की समाप्ति के बाद आवागमन के लिए लकड़ी की अस्थायी पुलिया का निर्माण किया गया। एक वर्ष से इसी पुलिया से लोग आवागमन कर रहे हैं। इस पुल से सेरा के साथ ही खरतोली, शिलिंग, सिरतोला के लोग आवागमन करते हैं। इसके सिवा इन गांवों के लोगों के पास दूसरा रास्ता नहीं है। इस पुलिया से बच्चे स्कूल जाते हैं। लकड़ी की अस्थायी पुलिया हिलती है। हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है।
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पुलिया से इस कदर खतरा है कि लोगों ने पुलिया के एक छोर पर ईष्ट देवता का मंदिर बना दिया है। लोग पुलिया में आवागमन करने से पहले देवता से सकुशल पार पहुंचने की विनती करते हैं। कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल बताते हैं कि पिछली बरसात बीतने के बाद पक्की पुलिया के निर्माण के लिए 13 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया था लेकिन अब तक पुलिया निर्माण के लिए बजट नहीं मिला है। कहते हैं कि लोगों की जान जोखिम में है, सरकार और प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए। अस्थायी पुलिया बही तो कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन की दिक्कत पैदा हो जाएगी।
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नदियां उफान पर
पिथौरागढ़। बरसात शुरू होने और हिमालयी क्षेत्र में बर्फ पिघलने से जिले की नदियां उफान पर हैं। चेतावनी स्तर पर बह रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धारचूला में महाकाली नदी का जल स्तर 888.50 मीटर है। नदी का चेतावनी स्तर 889 मीटर है। खतरे का निशान 890 मीटर है। जौलजीबी में गोरी नदी 603.300 मीटर पर बह रही है। नदी का चेतावनी स्तर 606.80 मीटर, खतरे का निशान 607.80 है। मदकोट में गोरी नदी 1210.85 मीटर पर बह रही है। नदी का चेतावनी स्तर 1214.10 मीटर और खतरे का निशान 1215.10 मीटर है। चमगाड़ में सरयू नदी का जलस्तर 445.30 मीटर है। नदी का चेतावनी स्तर 452 मीटर और खतरे का निशान 453 मीटर है।



पिथौरागढ़ के कई हिस्सों में हुई बारिश
पिथौरागढ़/मुनस्ययारी/धारचूला। मुनस्यारी और धारचूला में बृहस्पतिवार की रात को भारी बारिश हुई। जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई। मुनस्यारी में बृहस्पतिवार की शाम से मध्य रात्रि तक तेज बारिश हुई। धारचूला में रात दो बजे से तीन बजे तक तेज बारिश हुई। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को 97.8 एमएम बारिश हुई। बारिश से किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी नहीं है।
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