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Pithoragarh News: सिग्नल की तलाश पहाड़ पर, अपनों से फिर भी नहीं हो रही बात

Sat, 08 Feb 2025 11:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 08 Feb 2025 11:59 PM IST
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Searching. signal. mountain. still. talk. loved ones.
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। संचार क्रांति के इस युग में पर्वतीय क्षेत्रों के गांव संचार विहीन हैं। यहां तक कि पहाड़ों के गांवों के ग्रामीणों को मोबाइल पर सिग्नल खोजने के लिए पहाड़ी पर चढ़ना पड़ रहा है। डीडीहाट विकासखंड का चिटगल गांव इसका प्रमाण है। संचार सुविधा न होने से यहां के ग्रामीणों को मोबाइल से बात करने के लिए दो किमी दूर खड़ी पहाड़ी पर चढ़ना पड़ रहा है तब जाकर वे अपनों से हैलो-हाय कर पा रहे हैं।
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डीडीहाट के चिटगल गांव में आज भी संचार सुविधा शून्य है। यहां के ग्रामीणों ने मोबाइल खरीदे हैं ताकि वे अपनों तक अपनी कुशलता की सूचना पहुंचा सकें। इसके लिए उन्हें कठिन चुनौती से गुजरना पड़ रहा है। गांव में संचार सुविधा नहीं हैं और ग्रामीण मोबाइल पर सिग्नल खोजने के लिए दो किमी दूर पहाड़ी पर चढ़ रहे हैं।
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ग्रामीण कुंदन सिंह ने बताया कि घरों में सिग्नल न आने से मोबाइल शोपीस बने हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं हो रही। कहा कि सभी ग्रामीण अपने गांव को पिछड़ा समझने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासन से मोबाइल टॉवरों के सिग्नल बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कहा ग्रामीणों के संचार क्रांति के सभी दावे फेल हैं।
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बीमार के लिए एंबुलेंस बुलाना भी होता है मुश्किल
चिटगल गांव में संचार सेवा शून्य होने से ग्रामीण कई तरह की दुश्वारियां झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार के लिए समय पर एंबुलेंस बुलाना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। बताया कि बीमार या प्रसव पीड़िता को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाने के लिए दो किमी दूर पहाड़ी पर चढ़ते हैं तब जाकर फोन पर इसकी सूचना देनी पड़ रही है। उनका कहना है कि समय पर एंबुलेंस बुलाने की सूचना न पहुंचने पर कई बार बीमारों और गर्भवतियों की जान भी आफत में फंस जाती है।



बोले लोग
संचार क्रांति के इस युग में हमारा गांव संचार सुविधा से वंचित है। हमें अपनों से बात करने के लिए दो किमी दूर पहाड़ी पर चढ़कर मोबाइल के सिग्नल खोजने पड़ते हैं। ऐसे में विकास और संचार क्रांति के हमारे लिए कोई मायने नहीं हैं। - कुंदन सिंह, ग्रामीण।
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बीमारों और गर्भवतियों के लिए एंबुलेंस बुलाने के लिए भी पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता है। समय पर घटना की सूचना न पहुंचने पर कई बार बीमारों और गर्भवतियों की जान आफत में फंसती है। बदहाल संचार सेवा हम पर भारी पड़ रही है। - रमेश जोशी, ग्रामीण।



कोट -
दूर संचार कंपनियों से जल्द वार्ता की जाएगी। आसपास के मोबाइल टॉवरों की रेंज बढ़ाकर चिटगल गांव को संचार सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। - मनजीत सिंह, प्रभारी एसडीएम, डीडीहाट।
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