फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Sariu river is divided into wreckage

मलबे से पाट डाली सरयू नदी

Thu, 10 Jan 2019 11:50 PM IST
kamlesh kamlesh अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। Published by: kamlesh kamlesh Updated Thu, 10 Jan 2019 11:50 PM IST
विज्ञापन
Sariu river is divided into wreckage
घाट में इस तरह सरयू नदी में पाट दिया गया है, बाहरमासी सड़क का मलबा। - फोटो : AMAR UJALA
 बारहमासी सड़क के निर्माण में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के नियमों को ताख पर रखा जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे से सरयू नदी पाट दी गई है। मलबा डंपिंग जोन में न डालकर धड़ल्ले से नदी में डाला जा रहा है। एनएच ने यह स्वीकार करते हुए ठेकेदार को नोटिस भी जारी किया है। जिला प्रशासन इस मामले की जांच कराने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन


जिला मुख्यालय से घाट तक 29 किमी के हिस्से में बारहमासी (ऑल वेदर) सड़क का निर्माण किया जा रहा है। हाल यह है कि घाट से करीब ढाई किमी पहले मीना बाजार से मलबा सीधे नदी में गिरा दिया जा रहा है। घाट में कई स्थानों से नदी में मलबा डाला जा रहा है। सरयू नदी का पिथौरागढ़ जिले वाला हिस्सा कई स्थानों में मलबे से पट गया है।
विज्ञापन


यह तब है जब हाईकोर्ट का भी स्पष्ट आदेश है कि नदी में मलबा किसी भी सूरत में न डाला जाए। इसी तरह के मामले को लेकर पूर्व में हाईकोर्ट ने बारहमासी सड़क के निर्माण कार्य पर रोक  भी लगाई थी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण भी इस मामले का संज्ञान ले चुका है। एनजीटी ने भी सख्त लहजे में डंपिंग जोन में ही मलबा डंप करने का आदेश दिया था। यह भी कहा गया था कि डंपिंग जोन से मलबा किसी भी तरह से नदी में न जाए। नदी में मलबा डालने की बात अब एनएच भी स्वीकार कर रहा है। एनएच की लोहाघाट डिवीजन के अधिशासी अभियंता एलडी मलेथा का कहना है कि नदी में मलबा डालने की बात सामने आई है। उनके मुताबिक ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। ठेकेदार को नदी से मलबा हटाने के साथ ही नदी में मलबा जाने से रोकने के लिए दीवार लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उधर जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदांडे का कहना है कि नदी में मलबा डालने के मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आते हैं, उसके अनुरूप कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बरसात में खतरनाक साबित होगा मलबा
पिथौरागढ़। नदी में मलबा पटने का सबसे खतरनाक मंजर बरसात में दिखाई देगा। बरसात में नदी का जल स्तर बढ़ेगा। नदी के बड़े हिस्से में मलबा पटा होने के कारण नदी का पूरा बहाव घाट-पनार सड़क की ओर हो जाएगा। नदी से सटी सड़क को जबरदस्त नुकसान हो सकता है।


डंपिंग जोन किसी काम के नहीं
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से घाट तक 29 किमी के दायरे में 18 डंपिंग जोन बनाए गए हैं लेकिन कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों ने मनमानी करते हुए इग्यारदेवी से घाट तक के संपूर्ण हिस्से को डंपिंग जोन में तब्दील कर दिया है। सड़क चौड़ीकरण से निकले मलबे से जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित थरकोट गधेरे को पाट दिया गया है। इसी स्थान पर झील प्रस्तावित है। हैरत की बात यह है कि कहीं पर भी डंपिंग जोन का बोर्ड नहीं लगा है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed