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Pithoragarh News: नारायणनगर-अस्कोट मोटर मार्ग की सुरक्षा दीवार ढही, काम पर उठे सवाल
Sun, 19 Jul 2026 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 19 Jul 2026 10:52 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। नारायणनगर-अस्कोट मोटर मार्ग पर कुछ माह पहले बनाई गई सुरक्षा दीवार बारिश के दौरान ढह गई। हाल ही में हुए सुधारीकरण कार्य के बावजूद दीवार गिरने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएमजीएसवाई ने सड़क सुधारीकरण के दौरान आसपास से पत्थर निकालकर सुरक्षा दीवार का निर्माण कर दिया। वहीं सड़क किनारे अब तक पक्की नाली नहीं बनाई गई जिससे वर्षा का पानी निकासी न होने के कारण दीवार ढह गई। स्थानीय निवासी एवं एसडीआरएफ के एएसआई सुंदर सिंह बोरा ने बताया कि सुरक्षा दीवार गिरने से उनकी पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
व्यापार संघ अध्यक्ष गोविंद सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी बीरजंग पाल, विजय भंडारी, प्रकाश पाल और नारायण सिंह विष्ट ने भी पीएमजीएसवाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन थी, तब तक इसकी स्थिति बेहतर थी। आरोप लगाया कि सुधारीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। साथ ही पैदल मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और सड़क का डामरीकरण भी अधूरा छोड़ दिया गया जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
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बरसात के बाद पक्की नाली बनाई जाएगी। फिलहाल चोक हुई नाली को खोलने का कार्य किया जाएगा। मोटर मार्ग में अधूरे कार्य जल्द ही पूरे किए जाएंगे। -दौलत चंद, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएमजीएसवाई ने सड़क सुधारीकरण के दौरान आसपास से पत्थर निकालकर सुरक्षा दीवार का निर्माण कर दिया। वहीं सड़क किनारे अब तक पक्की नाली नहीं बनाई गई जिससे वर्षा का पानी निकासी न होने के कारण दीवार ढह गई। स्थानीय निवासी एवं एसडीआरएफ के एएसआई सुंदर सिंह बोरा ने बताया कि सुरक्षा दीवार गिरने से उनकी पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
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व्यापार संघ अध्यक्ष गोविंद सिंह रावत, राज्य आंदोलनकारी बीरजंग पाल, विजय भंडारी, प्रकाश पाल और नारायण सिंह विष्ट ने भी पीएमजीएसवाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन थी, तब तक इसकी स्थिति बेहतर थी। आरोप लगाया कि सुधारीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। साथ ही पैदल मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और सड़क का डामरीकरण भी अधूरा छोड़ दिया गया जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
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बरसात के बाद पक्की नाली बनाई जाएगी। फिलहाल चोक हुई नाली को खोलने का कार्य किया जाएगा। मोटर मार्ग में अधूरे कार्य जल्द ही पूरे किए जाएंगे। -दौलत चंद, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई