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प्रवासियों ने पशुपालन में दिखाई रुचि तो कृषि बागवानी से बनाई दूरी
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पिथौरागढ़। लॉकडाउन में जिले में 45 हजार से अधिक प्रवासी वापस लौटे हैं। इनमें से ज्यादातर प्रवासी पशुपालन में तो रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन कृषि और बागवानी से दूरी बना रहे हैं। पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए रोजाना आवेदन आ रहे हैं।
कोरोना काल में लौटे प्रवासी पशुपालन में स्वरोजगार कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के पास प्रवासियों ने करीब पांच हजार से अधिक आवेदन किए हैं। रोज विभाग को आवेदन मिल रहे हैं। सीवीओ डॉ. विद्यासागर ने बताया कि 366 प्रवासियों ने बकरी-भेड़, गाय-भैंस और कुक्कुट पालन के लिए आवेदन किया। इसमें से 152 लोगों के आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। विभाग ने बैक्यार्ड कुक्कुट के तहत 207 प्रवासियों को 50-50 चूजे, जाली, दाना, औषधियां बांटी हैं। विभाग के पास विण, जाख, सिंतोली, मूनाकोट, कनालीछीना, भागीचौरा, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, धारचूला से पांच हजार आवेदन आए हैं। कुक्कुट पालन के लिए रोज आवेदन आ रहे हैं।
कृषि और बागवानी में नहीं प्रवासियों को रुचि
पिथौरागढ़। प्रवासी बागवानी और कृषि क्षेत्र में अपनी रुचि कम दिखा रहे हैं। उद्यान और कृषि विभाग के पास कुल 345 प्रवासियों ने योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन किए थे। इसमें दोनों विभाग 229 प्रवासियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। शुरुआत में कृषि विभाग के पास 244 आवेदन आए। विभाग ने आवेदनों का पूरा आकलन किया। इसके बाद 47 लोगों ने वापस महानगरों में जाने के इच्छा जताई। कुछ ने पशुपालन, पर्यटन, मत्स्य समेत अन्य में रुचि दिखाई। सीएओ अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि 128 लोग सिर्फ कृषि क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक रहे। विभाग ने 23 लोगों को राष्ट्रीय कृषि योजनाओं का लाभ दे दिया है। इसमें से 24 आवेदन गतिमान हैं। शेष 81 ने रबी की फसल के लिए बीज की मांग की है। जिला उद्यान अधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि विभाग में 101 प्रवासियों ने रुचि दिखाई। इनमें चार के पॉलीहाउस और अन्य को सब्जी उत्पादन के लिए बीज मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं।
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कोरोना काल में लौटे प्रवासी पशुपालन में स्वरोजगार कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के पास प्रवासियों ने करीब पांच हजार से अधिक आवेदन किए हैं। रोज विभाग को आवेदन मिल रहे हैं। सीवीओ डॉ. विद्यासागर ने बताया कि 366 प्रवासियों ने बकरी-भेड़, गाय-भैंस और कुक्कुट पालन के लिए आवेदन किया। इसमें से 152 लोगों के आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। विभाग ने बैक्यार्ड कुक्कुट के तहत 207 प्रवासियों को 50-50 चूजे, जाली, दाना, औषधियां बांटी हैं। विभाग के पास विण, जाख, सिंतोली, मूनाकोट, कनालीछीना, भागीचौरा, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट, धारचूला से पांच हजार आवेदन आए हैं। कुक्कुट पालन के लिए रोज आवेदन आ रहे हैं।
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कृषि और बागवानी में नहीं प्रवासियों को रुचि
पिथौरागढ़। प्रवासी बागवानी और कृषि क्षेत्र में अपनी रुचि कम दिखा रहे हैं। उद्यान और कृषि विभाग के पास कुल 345 प्रवासियों ने योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन किए थे। इसमें दोनों विभाग 229 प्रवासियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। शुरुआत में कृषि विभाग के पास 244 आवेदन आए। विभाग ने आवेदनों का पूरा आकलन किया। इसके बाद 47 लोगों ने वापस महानगरों में जाने के इच्छा जताई। कुछ ने पशुपालन, पर्यटन, मत्स्य समेत अन्य में रुचि दिखाई। सीएओ अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि 128 लोग सिर्फ कृषि क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक रहे। विभाग ने 23 लोगों को राष्ट्रीय कृषि योजनाओं का लाभ दे दिया है। इसमें से 24 आवेदन गतिमान हैं। शेष 81 ने रबी की फसल के लिए बीज की मांग की है। जिला उद्यान अधिकारी आरएस वर्मा ने बताया कि विभाग में 101 प्रवासियों ने रुचि दिखाई। इनमें चार के पॉलीहाउस और अन्य को सब्जी उत्पादन के लिए बीज मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं।
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