{"_id":"57472f5d4f1c1b2f2d6920e7","slug":"running-out-of-water-drained-deval-famous-mungru","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवल का प्रसिद्ध मुंगरू धारे का पानी सूखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवल का प्रसिद्ध मुंगरू धारे का पानी सूखा
ब्यूरो/अमर उजाला, अस्कोट
Updated Thu, 26 May 2016 10:46 PM IST
विज्ञापन
पेयजल संकट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कई वर्षों से देवल गांव के लोगों की प्यास बुझाने वाले प्रसिद्ध मुंगरू धारे का पानी सूख गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
मुगरू धारे में पानी के संरक्षण के लिए दो महीने पहले ग्रामसभा से मरम्मत का कार्य किया गया था, लेकिन पानी संरक्षण होने के बजाय सूख चुका है। अन्य स्थानों पर बारिश होने के बाद जल स्रोत रिचार्ज हुए पर देवलगांव के धारों और नौलों में पानी बढ़ने के स्थान पर घटता जा रहा है। मुंगरू धारे से गांव के 90 परिवार प्यास बुझाते थे। अब पानी सूखने से लोगों को अन्य स्थानों से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमेंट का प्रयोग करने के बाद से ही पानी सूखता रहा, जो अब पूरी तरह सूख चुका है। गांव के ही कलाधार, गोदी नौल, बसैड़ नौला में भी पानी का स्तर कम हो गया है।
विज्ञापन
92 वर्षीय बुजुर्ग देवल निवासी लक्ष्मण सिंह पाल का कहना है कि पहले भी नौले, धारों का निर्माण किया जाता था, लेकिन उनमें कभी सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाता था। श्री पाल का मानना है कि सीमेंट के प्रयोग से ही नौलों, धारों का जल स्तर कम हो रहा है। उनका कहना है कि अनुभवी लोगों की राय ले लेनी चाहिए, उसके बाद ही सीमेंट का प्रयोग करना चाहिए। देवल के उप प्रधान टिकेंद्र पाल ने कहा कि मुंगरू धारे में पानी सूखने की जानकारी विकासखंड कार्यालय को दे दी गई है। इस संबंध में जलागम विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है।
विज्ञापन