{"_id":"62507f4669c31d16e20c790e","slug":"road-opend-in-dharama-vally-pithoragarh-news-hld458882419","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारमा घाटी से चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क खुली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दारमा घाटी से चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क खुली
विज्ञापन
सड़क खुलने के बाद धारचूला की दारमा घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित गांवों में पहुंचे वाहन?
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। ग्लेशियरों के जम जाने से बंद पड़ी चीन सीमा को जोड़ने वाली दारमा सड़क खुल गई है। सड़क के खुलने से माइग्रेशन वाले गांवों के लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों के जवानों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। पंचाचूली ग्लेशियर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर भारी बर्फबारी के कारण बोंगलिंग, सेला, नागलिंग और बालिंग के बीच पांच से छह स्थानों पर ग्लेशियर बन गए थे। इसके चलते वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। अप्रैल में होने वाले माइग्रेशन को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीपीडब्ल्यूडी को 15 अप्रैल तक हर हाल में सड़क खोलने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने 20 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला ढाकर सड़क यातायात के लिए खोल दी है। सड़क खुलने से सुरक्षा कर्मियों और सीमांत वासियों को काफी राहत मिल रही है। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में वाहनों से लोग घाटी की ओर गए।
सीपीडब्ल्यूडी के एई अनिल बंगयाल ने बताया कि छह ग्लेशियर प्वाइंट होने से सड़क खोलने में दिक्कत पेश आईं। दो दिन पूर्व 47 किलोमीटर सड़क पूरी तरह से आवाजाही के लिए खोल दी गई है। सड़क खुल जाने सुरक्षा कर्मी, पंचाचूली ग्लेशियर जाने वाले पर्यटक और सीमांत वासी आसानी से आवाजाही कर पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर भारी बर्फबारी के कारण बोंगलिंग, सेला, नागलिंग और बालिंग के बीच पांच से छह स्थानों पर ग्लेशियर बन गए थे। इसके चलते वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। अप्रैल में होने वाले माइग्रेशन को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीपीडब्ल्यूडी को 15 अप्रैल तक हर हाल में सड़क खोलने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने 20 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली सोबला ढाकर सड़क यातायात के लिए खोल दी है। सड़क खुलने से सुरक्षा कर्मियों और सीमांत वासियों को काफी राहत मिल रही है। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में वाहनों से लोग घाटी की ओर गए।
विज्ञापन
सीपीडब्ल्यूडी के एई अनिल बंगयाल ने बताया कि छह ग्लेशियर प्वाइंट होने से सड़क खोलने में दिक्कत पेश आईं। दो दिन पूर्व 47 किलोमीटर सड़क पूरी तरह से आवाजाही के लिए खोल दी गई है। सड़क खुल जाने सुरक्षा कर्मी, पंचाचूली ग्लेशियर जाने वाले पर्यटक और सीमांत वासी आसानी से आवाजाही कर पाएंगे।
विज्ञापन