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रातीगाड़ में जान जोखिम में डालकर हो रहा आवागमन

Sat, 25 Aug 2018 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी Updated Sat, 25 Aug 2018 10:36 PM IST
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Rising Traffic at Life Route
रातीगाड़ में बीमार महिला को सहारा देकर ले जाते पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला

थल-मुनस्यारी मार्ग तीन दिनों से रातीगाड़ के पास बंद है। रातीगाड़ में 200 मीटर सड़क पूरी तरह से मलबे और बोल्डरों से पट गई है। लोगों को तीन किमी की चढ़ाई पार कर बोरागांव होकर आवागमन करना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र के मरीजों को भारी दिक्कत हो रही है। यदि यही हाल रहे तो क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं का संकट हो सकता है।

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रातीगाड़ में जहां रामगंगा नीचे से कटान कर रही है, वहीं ऊपर की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। शुक्रवार शाम से ही क्षेत्र में भारी बारिश होने से एक बार फिर भूस्खलन हुआ है। नदी-नाले पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। भूस्खलन से 200 मीटर सड़क पूरी तरह मलबे से पट गई है। लोग यहां जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। शुक्रवार शाम एक बीमार महिला को नाचनी पुलिस ने बड़ी मुश्किल से रास्ता बनाकर पार कराया। शनिवार को भी लगातार बारिश होने से सड़क से मलबा नहीं हटाया जा सका है, जबकि मलबा हटाने के बाद चट्टान काटकर सड़क बनाई जानी है।
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लोगों को यहां आवागमन करने के लिए पहले बोरा गांव की करीब तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ रही है। उसके बाद नीचे उतरना पड़ रहा है। इस तरह लोग नाचनी की ओर से थल पहुंच पा रहे हैं। क्षेत्र के बीमार एवं जरूरी कार्य से पिथौरागढ़ और अन्य स्थानों पर जाने वालों को भारी दिक्कत हो रही है। पिछले तीन दिन से मुनस्यारी जाने वाले वाहन रास्ते में ही फंसे हैं। इससे सब्जियों के साथ ही अन्य जरूरी सामग्री मुनस्यारी नहीं पहुंच पा रही है। वहीं हरड़िया वैलीब्रिज की भी स्थिति जर्जर होने से इस मार्ग पर आवागमन कुछ दिनों के लिए ठप हो सकता है। भूवैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बगैर रामगंगा को चैनलाइज किए रातीगाड़ में भूस्खलन की समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।
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बीमार महिला को लाने में हुई परेशानी
नाचनी। मुनस्यारी के पत्रकार पूरन पांडेय अपनी मां को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ला रहे हैं। रातीगाड़ के पास भारी मात्रा में भूस्खलन होने से वह बोरागांव की पहाड़ी पर चढ़े। भारी बारिश होने से उनकी मां की तबियत अचानक से बिगड़ गई। इस पर उन्होंने नाचनी फोन कर मदद मांगी। नाचनी से दो मजदूरों को भेजकर उन्हें सुरक्षित रास्ता पार कराया गया।


सीमांत में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
पिथौरागढ़/डीडीहाट। सीमांत जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कुछ स्थानों पर तो शुक्रवार दोपहर बाद से ही बारिश शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय में रात से ही बारिश का क्रम जारी रही है। शनिवार को सुबह से आसमान में बादलों छाए रहे और सुबह आठ बजे से हल्की बारिश हुई। 11.30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जो करीब पौन घंटे तक जारी रही। इस कारण सड़कों पर पानी बहने लगा। स्कूली बच्चे भी भीगकर घर पहुंचे। उधर, डीडीहाट, बेड़ीनाग, अस्कोट आदि स्थानों पर भी बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है। डीडीहाट में तहसीलदार एमसी पालीवाल ने अलर्ट जारी करते हुए पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्र में बने रहने के निर्देश दिए हैं।

क्षेत्र में हुई बारिश
पिथौरागढ़    5 एमएम
गंगोलीहाट   24 एमएम
बेड़ीनाग        5 एमएम
डीडीहाट      19.2 एमएम
धारचूला      14.2 एमएम
मुनस्यारी       42 एमएम

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