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यात्रियों को परोसी चावल की रोटी और भट की चुड़कानी
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:24 PM IST
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छलिया दल के साथ थिरकते कैलास यात्री
- फोटो : अमर उजाला
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कैलास मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे दसवें दल के सदस्यों को मंगलवार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। अल्मोड़ा से लेकर धारचूला तक सड़क खुली है। यात्रियों को डीडीहाट पर्यटक आवासगृह में चावल की रोटी और भट का चुड़कानी परोसी गई। यात्रियों ने पहली बार इस तरह के व्यंजन का स्वाद लिया। टीआरसी के मैनेजर आनंद आर्या और उनकी टीम ने यात्रियों का स्वागत किया। बाद में आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय में यात्री छलिया दलों के साथ जमकर थिरके।
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दसवें दल के लायजन आफीसर मोलो चंद्रन चक्रवर्ती ने बताया कि दल में नौ महिलाओं समेत 41 यात्री हैं। इस दल के सौभाग्य की बात यह है कि ठीक सावन के महीने में कैलास पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करेंगे। दल में सबसे बुजुर्ग गुजरात निवासी 69 वर्षीय रामनायक लाल ने कहा कि कैलास मानसरोवर और ऊं पर्वत के बारे में पहले कई बार सुना और पढ़ा था। आज उनको प्रत्यक्ष इन स्थानों को देखने का सौभाग्य मिल रहा है। दल में सबसे कम उम्र की गुजरात निवासी 21 वर्षीय मयूर भाई देवी ने कहा कि कुमाऊं की पहाड़ियां बेहद सुंदर हैं।
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आईटीबीपी में यात्रियों के स्वागत के समय मुख्य अतिथि पीजी कॉलेज नारायणनगर की प्राचार्य डा. उमा पाठक थी। सहायक सेनानी मंदीप डांडा ने यात्रियों को पैदल यात्रा मार्ग के बारे में बताया। इस मौके पर डा. प्रकाश जैना, डा. प्रिया शर्मा समेत तमाम अधिकारी और जवान थे। दोपहर बाद यह दल आधार शिविर धारचूला को रवाना हो गया।
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