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टांगा में मलबे में दबे दादी और पोता-पोती के शव निकाले
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टांगा में मलबे में दबे दादी और पोता-पोती के शव निकाले
- मोतीघाट में गमगीन माहौल में हुआ सभी मृतकों का अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
टांगा(पिथौरागढ़)। टांगा गांव में भूस्खलन के कारण मलबे में दबे शवों की तलाश जारी है। बुधवार को टांगा गांव में एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे तीन और शव निकाले। तीनों की शिनाख्त हो गई है। सभी शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद मोतीघाट में अंतिम संस्कार कर दिया है।
19 जुलाई की रात बंगापानी तहसील के टांगा गांव में तीन मकान जमींदोज हो गए थे। इस हादसे में जीत राम पुत्र हुड़किया राम, पार्वती देवी पत्नी जीत राम, रोशन कुमार पुत्र जीत राम, माधो सिंह पुत्र चंद्र सिंह, तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह, गणेश सिंह पुत्र माधो सिंह, हीरा देवी पत्नी गणेश सिंह, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह, लक्की पुत्री गणेश सिंह, पुष्पा देवी पत्नी भीम सिंह, प्रतिमा देवी पत्नी खुशाल सिंह लापता हो गए थे। हादसे में नंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
एसडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को माधो सिंह, गणेश सिंह, हीरा देवी और रोशन कुमार के शव मलबे से निकाले थे। बुधवार को भी सुबह से ही मलबे में शवों को ढूंढने का काम जारी रहा। इस दौरान तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह 65 वर्ष, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह 12 वर्ष और लतिका पुत्री गणेश सिंह 10 वर्ष के शव मिले। तीनों शवों को सेराघाट ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद मोटीघाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। लापता 11 लोगों में से सात के शव बरामद होने के बाद लापता जीत राम, पार्वती देवी, पुष्पा देवी और प्रतिमा देवी के शवों की खोज जारी है। शवों की तलाश के लिए एसडीआरएफ के दस जवान पहले से वहां पर तैनात थे। बुधवार को 13 और जवान टांगा गांव भेजे गए। प्रशासन के अनुसार शवों की तलाशी का काम जारी रखा जाएगा। क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी, जिलाधिकारी डा.विजय कुमार जोगदंडे, एसपी प्रीति प्रिदर्शनी बुधवार को भी टांगा गांव में मौजूद रहे।
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- मोतीघाट में गमगीन माहौल में हुआ सभी मृतकों का अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
टांगा(पिथौरागढ़)। टांगा गांव में भूस्खलन के कारण मलबे में दबे शवों की तलाश जारी है। बुधवार को टांगा गांव में एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे तीन और शव निकाले। तीनों की शिनाख्त हो गई है। सभी शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद मोतीघाट में अंतिम संस्कार कर दिया है।
19 जुलाई की रात बंगापानी तहसील के टांगा गांव में तीन मकान जमींदोज हो गए थे। इस हादसे में जीत राम पुत्र हुड़किया राम, पार्वती देवी पत्नी जीत राम, रोशन कुमार पुत्र जीत राम, माधो सिंह पुत्र चंद्र सिंह, तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह, गणेश सिंह पुत्र माधो सिंह, हीरा देवी पत्नी गणेश सिंह, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह, लक्की पुत्री गणेश सिंह, पुष्पा देवी पत्नी भीम सिंह, प्रतिमा देवी पत्नी खुशाल सिंह लापता हो गए थे। हादसे में नंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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एसडीआरएफ की टीम ने मंगलवार को माधो सिंह, गणेश सिंह, हीरा देवी और रोशन कुमार के शव मलबे से निकाले थे। बुधवार को भी सुबह से ही मलबे में शवों को ढूंढने का काम जारी रहा। इस दौरान तुलसी देवी पत्नी माधो सिंह 65 वर्ष, दिव्यांशु पुत्र गणेश सिंह 12 वर्ष और लतिका पुत्री गणेश सिंह 10 वर्ष के शव मिले। तीनों शवों को सेराघाट ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद मोटीघाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। लापता 11 लोगों में से सात के शव बरामद होने के बाद लापता जीत राम, पार्वती देवी, पुष्पा देवी और प्रतिमा देवी के शवों की खोज जारी है। शवों की तलाश के लिए एसडीआरएफ के दस जवान पहले से वहां पर तैनात थे। बुधवार को 13 और जवान टांगा गांव भेजे गए। प्रशासन के अनुसार शवों की तलाशी का काम जारी रखा जाएगा। क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी, जिलाधिकारी डा.विजय कुमार जोगदंडे, एसपी प्रीति प्रिदर्शनी बुधवार को भी टांगा गांव में मौजूद रहे।
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