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रेखा ने निकाला जानवरों से होने वाली फसल क्षति का तोड़

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 10:35 PM IST
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Rekha from pithoragarh found solution of crop damage from animals
रेखा भंडारी, अध्यक्ष गुरंग घाटी आजीविका स्वयं सहायता फेडरेशन। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़ (पंकज पाठक)। जिले में जहां एक ओर जंगली जानवरों के आतंक से परेशान लोग खेती छोड़ रहे हैं, वहीं जजुराली की रेखा भंडारी ने बड़ी इलायची के उत्पादन से पहाड़ में खेती को नई दिशा दी है। वह करीब 50 किलो इलायची का उत्पादन कर रहीं हैं।
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जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर स्थित जजुराली गांव में जंगली जानवर हर साल खेती को नुकसान पहुंचाते थे। किसानों की सारी मेहनत बर्बाद हो जाती थी। खेती से कुछ भी हासिल न होने पर इसी गांव की महिला रेखा भंडारी ने वर्ष 2011 में इलायची की खेती शुरू की क्योंकि इलायची को जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते। रेखा ने इसी बात को ध्यान में रखकर दो नाली भूमि पर इलायची उत्पादन शुरू किया। इसके बाद समूह के माध्यम से इलायची की खेती शुरू की। अब अजंता समूह से जुड़ीं 92 महिलाएं 30 नाली भूमि पर इलायची उगाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं। वह हर साल 50 किलो से अधिक इलायची उगा रहीं हैं। इससे उन्हें 50 हजार रुपये से अधिक की वार्षिक आय हो रही है।
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उन्होंने बताया कि पहले इलायची स्टोर करने में परेशानी होती थी। खुले में रखने से इलायची खराब हो जाती थी। इससे बचने के लिए आईएलएसपी और कृषि विभाग ने प्रत्येक किसान को हवारोधी ड्रम दिलाए हैं। इससे लंबे समय तक इलायची की गुणवत्ता बनी रहती है और किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल जाता है। शीघ्र ही इलायची का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2014 में गुरंगघाटी आजीविका स्वयं सहायता फेडरेशन में 116 महिला समूहों को जोड़कर स्वरोजगार की प्रेरणा दी। (संवाद)
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रेखा को ऐसे मिली प्रेरणा
पिथौरागढ़। वर्ष 2006 में रेखा के गांव में दाल बेचने वाला व्यापारी आया। उसने घर के पास लगे इलायची के पेड़ को देखकर उसने इलायची खरीदने की बात कही। तब रेखा को इसका मूल्य पता नहीं था। इसलिए व्यापारी ने ढाई किलो इलायची के बदले पांच किलो चना दे दिया। उसी वर्ष वह किसी कार्यक्रम में शामिल होने पंतनगर गईं। हल्द्वानी में उन्होंने बड़ी इलायची का मूल्य पूछा तो इसकी कीमत 750 रुपये प्रति किलो बताई गई। तभी से उन्होंने इलायची की खेती का निर्णय लिया।

रेखा को प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके सम्मानित
पिथौरागढ़। इलायची उत्पादन में बेहतर कार्य करने के लिए रेखा को नौ सितंबर 2013 को गुजरात में हुए कार्यक्रम में वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री (अब प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी श्रेष्ठ किसान का पुरस्कार दे चुके हैं। इस पुरस्कार में उन्हें 51 हजार रुपये का चेक, प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न मिला। पिथौरागढ़ में 26 जनवरी 2013 में कृषि विभाग ने किसान भूषण पुरस्कार दिया। इसमें उन्हें 25 हजार का चेक और प्रमाणपत्र दिया गया। आठ अगस्त 2016 को तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने विशिष्ट किसान का पुरस्कार दिय।
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