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आफत की बारिश: बंद सड़कों ने राशन, सब्जियों की सप्लाई रोकी...पहाड़ी मूली 80 रुपये किलो; टमाटर भी 100 पार

Mon, 15 Jul 2024 11:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Mon, 15 Jul 2024 11:27 AM IST
सार

बीते दिनों से हो रही बारिश के चलते जगह-जगह सड़कें बंद होने से गांवों में राशन और सब्जी की किल्लत होने लगी है। सबसे ज्यादा बीमार लोगों अस्पताल ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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Rain of disaster: Closed roads stopped the supply of ration and vegetables.
नाली में तब्दील बलुवाकोट-तल्लागांव मोटर मार्ग। स्रोत: जागरूक पाठक

विस्तार

बीते दिनों से हो रही बारिश के चलते जगह-जगह सड़कें बंद होने से गांवों में राशन और सब्जी की किल्लत होने लगी है। सबसे ज्यादा बीमार लोगों अस्पताल ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई जगहों पर बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप है। लोगों को रात चिमनी और दीये की रोशनी में गुजारनी पड़ रही है। प्रभावित लोगों ने विभागीय अधिकारियों से सड़कें खोलने और बिजली आपूर्ति जल्द सुचारु करने की मांग की है।

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चिमनी और दीये की रोशनी में कट रही रात
चंपावत के रीठा साहिब भारी बारिश के चलते छह जुलाई को तलारा-वैला-खतोली सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था, जो अभी तक नहीं हट पाया और लोगों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। इससे गांव में रोजमर्रा के सामान की भी समस्या हो रही है। स्थानीय दीपक भट्ट और गंगाराम का कहना है कि यदि यह सड़क और बंद रही तो ग्रामीणों को खाने-पीने की समस्या हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों को सड़क जल्द खुलवानी चाहिए ताकि लोगों को समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि जगह-जगह मलबा गिरने से रास्ता बंद है। कई जगह की दीवारें ढह गई है। मार्ग पर जगह-जगह मलबा गिरने से बिजली के पोल भी गिर गए हैं, इससे क्षेत्र में बिजली भी नहीं आ रही है। ग्रामीण गिरीश मोहन का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो हालत और खराब हो जाएंगे।
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भूस्खलन से मकान को खतरा, परिवार दहशत में
चंपावत में कालेसन सुदर्का मोटर मार्ग के अंतिम छोर पर सड़क के ऊपरी भाग से नया भूस्खलन जोन खुलने से हरीदत्त के मकान को खतरा हो गया है। प्रभावित परिवार का कहना है कि सड़क निर्माण के समय उनकी ओर से विभाग को आरसीसी सुरक्षा दीवार लगाने का अनुरोध किया गया था। आरोप है कि ठेकेदार ने 1.80 मीटर की दीवार लगा दी। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान उनके घर के पास भूस्खलन हो गया जिससे मकान खतरे की जद में है। कहा कि फिर से बारिश हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। पीड़ित ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। 
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चल्थी नाले का मलबा दुकानों में घुसा
चंपावत में बीते दिनों हुई अतिवृष्टि से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रमुख यात्री पड़ाव चल्थी बाजार में नाले का पानी, मलबा दुकानों में घुस गया था। ग्रामीणों ने चल्थी नाले पर पुल की मांग उठाई है। भुवन चंद्र खर्कवाल, रेवाधर जोशी, मोहन सिंह, कलावती देवी, शंकर दत्त, संजय जोशी ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि चल्थी नाले पर ऑलवेदर रोड निर्माण के दौरान बरसाती पानी की निकासी के लिए कलवर्ट का निर्माण किया था जो नाकाफी है। नाले में पत्थर, मलबा बहने से कलवर्ट बंद हो गया और पानी का रुख बाजार की ओर हो गया है। कहा कि 2019 से चल्थी के ग्रामीण नाले पर पुल की मांग कर रहे हैं। 

बनबसा में हुई 34 एमएम बारिश
बनबसा क्षेत्र में रविवार को 34 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। एक जून से अब तक बनबसा में 1340 मिमी बारिश हो चुकी है। रविवार को बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 55,261 क्यूसेक रहा। दोपहर बाद तीन बजे नदी का जलस्तर 52,435 क्यूसेक पहुंच गया। 

आपदा से प्रभावित 1577 परिवारों को दी गई राहत राशि
चंपावत में बीते दिनों हुई भारी बारिश से जिले में जानमाल, पशु हानि, सरकारी परिसंपत्तियों आदि की काफी क्षति हुई। अब सरकारी महकमे की ओर से नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। साथ ही प्रभावितों को मदद के तत्काल राहत राशि बांटी जा रही है। डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि भारी बारिश से जिले में दो जनहानि हुईं जिसमें एक महिला हैलागोठ की और एक बालिका मझगांव की हताहत हुई है। उनके परिजनों को चार-चार लाख की रुपये की राहत राशि दी गई है। जिले में वर्तमान तक 1577 परिवारों को नियमानुसार कुल 78,84,000 की धनराशि बांटी गई है। जिले में इस बारिश में 62 पशु-हानि हुई जिनमें 18 गाय, 44 बकरियां हैं। इसके अतिरिक्त 3200 मुर्गियों की हानि हुई है। डीएम ने बताया कि टनकपुर में पशु चिकित्साधिकारी की ओर से बीमार पशु का उपचार और पशु चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया कि जिले में एसडीआरएफ तैनात है और पूरे मानसून काल में एसडीआरएफ तैनात रहेगी।

गल्ला गांव में गहराया पेयजल संकट
विकासखंड बाराकोट के गल्लागांव की पेयजल योजना ध्वस्त होने से एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं टपका है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से शीघ्र जलापूर्ति न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। रंजीत सिंह, दीवान सिंह, प्रकाश सिंह ने बताया कि गांव के लिए बनी सलना योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। बीते दिनों बारिश से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक मात्र नौले में सुबह से शाम तक पानी भरने के लिए भीड़ लगी रहती है। अमर सिंह, प्रकाश सिंह, पार्वती देवी ने जल संस्थान से पेयजल लाइन ठीक करने की मांग की है। इधर, बाराकोट जल संस्थान के सहायक अभियंता प्रशांत वर्मा ने कहा कि शुक्रवार देर शाम लाइन ठीक कर ली गई थी, दोबारा खराब हो गई है। विभागीय कर्मचारी लाइन में फाल्ट ढूंढने गए हैं। लाइन को शीघ्र ठीक कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। 

बाटनागाड़ से दिनभर हटाया गया मलबा
टनकपुर में पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ में आए मलबे को हटाने में दिन भर लोनिवि की जेसीबी और पोकलैंड लगी रही। इस बीच दोपहर तक रु़क-रुक कर वाहनों को रोका गया। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि मलबा दिन भर हटाया गया जबकि मां पूर्णागिरि धाम के पैदल मार्ग को खोलने के बाद अभी भी जगह-जगह पड़ा मलबा हटाया जा रहा है।लोनिवि जेई प्रकाश सिंह ने बताया कि मार्ग को तात्कालिक रूप से खोला गया था, लेकिन पूरी तरह से मलबा हटाने का कार्य दिन भर किया गया। अभी भी पहाड़ में बरसात का क्रम चलने पर पानी के साथ मलबा आ रहा है।

रोखड़ बन गई तल्लागांव की सड़क
पिथौरागढ़ में बलुवाकोट से तल्लागांव को जाने वाली सड़क नाले में तब्दील हो चुकी है। इसके चलते लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता धीरू भंडारी ने बताया कि बलुवाकोट से तल्लागांव के लिए छह किमी लंबी सड़क है। लोनिवि की इस सड़क का कोई सुधलेवा नहीं है। इसके चलते कई स्थानों पर सड़क पर दो फुट से भी अधिक गहरे गड्ढे हैं। बरसात में नाली बन चुकी सड़क पर पानी बहता रहता है। सड़क इतनी खराब है कि वाहन तो दूर पैदल चलने में भी परेशानी होती है। उन्होंने सड़क का शीघ्र सुधार नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 

टनकपुर, बनबसा के रेलवे अंडर पास जलमग्न, जांच की मांग
बरसात शुरू होते ही टनकपुर-बनबसा में बने रेलवे के अंडर पास जलमग्न हो गए हैं। टनकपुर के मनिहारगोठ, सेना छावनी, कमलपथ के अंडरपास से आवागमन ठप है। बनबसा देशीफार्म के अंडर पास से भी अधिक बारिश में दोपहिया और पैदल आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने रेल मंत्रालय को भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया कि यहां अंडरपास बनाने का निर्णय गलत था जिसकी जांच की जानी चाहिए। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष बहादुर सिंह पाटनी, जिला पंचायत सदस्य पुष्कर दत्त कापड़ी, व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी, महामंत्री अभिषेक गोयल, फागपुर के प्रधान हर्ष बहादुर चंद, भजन की प्रधान गंगा विश्वकर्मा, अनिल प्रसाद, महेश मुरारी, सुमन चंद आदि ने रेलवे से पुनः सर्वे कराकर यहां फ्लाईओवर बनाने की मांग की है।

350 को राहत सामग्री और 800 लोगों को चेक दिए
टनकपुर क्षेत्र में प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री और राहत राशि के चेक बांटे जा रहे हैं। शनिवार को रात तक प्रशासन की टीम ने 350 लोगों को राहत सामग्री के किट और 800 प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार के चेक प्रदान किए। रविवार को रजिस्ट्रार कानूनगो प्रदीप जुकरिया ने बताया कि प्रशासन की टीमों ने नगर के आंबेडकरनगर, बंगाली काॅलोनी, बोरागोठ, नायकगोठ क्षेत्र में राहत सामग्री और सहायता राशि के चेक वितरित किए। 
चीन सीमा की सड़क खुलने से मिली राहत
चीन सीमा से लगे गांवों की सड़क खुलने से ग्रामीणों के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने भी राहत की सांस ली है। सड़क खुलने के बाद ग्रामीणों ने व्यास घाटी में आवाजाही की। तवाघाट लिपुलेख सड़क के कोथला, पेलसती, तंपा मंदिर, थकती आदि जगह में बंद सड़क बीआरओ के 65 आरसीसी के कर्मचारियों ने जेसीबी से खोल दी है। इसके चलते रविवार को व्यास घाटी के सात गांव के ग्रामीण, सुरक्षा कर्मियों और वाहन चालकों को राहत मिली। दारमा घाटी के गांवों को जोड़ने वाली सड़क अभी भी बंद चल रही है।

बुदी निवासी धीरेंद्र बुदियाल ने बताया कि पिछले पांच- छह दिन से घट्टाबगड़ से बुदी के बीच बारिश के कारण सड़क रोज मलबा, बोल्डर आने से बंद हो रही थी। रविवार को मौसम साफ रहने पर बीआरओ ने बंद सड़क पूरी तरह खोल दी है। सड़क खुलने से लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। ग्राम दर के लक्ष्मण दरियाल ने बताया कि दर से यूसुंग नाले के बीच बंद तवाघाट-सोबला सड़क को बीआरओ 67 आरसीसी ने खोल दिया है। बीआरओ अधिकारी ने बताया कि मौसम ठीक रहा तो दो दिन के भीतर दारमा घाटी की सड़क भी पूरी तरह खुलने की उम्मीद है। बता दें कि भारी बारिश के चलते चीन सीमा के गांवों की सड़क कई जगहों पर मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गई थी। इसके चलते ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

ग्रामीण क्षेत्रों की 19 सड़कें अभी भी बंद
पिथौरागढ़ में हुई भारी बारिश के चलते अभी भी ग्रामीण क्षेत्र की 19 सड़कें बंद हैं। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़कों को खोले जाने की मांग की है। 

कहां कितनी बारिश
गंगोलीहाट  40 मिमी
डीडीहाट   47 मिमी
धारचूला    37.80 मिमी
बेड़ीनाग   16 मिमी
बंगापानी  19 मिमी
तेजम      17 मिमी
थल        19.30

सड़क किनारे कीचड़ में फंसा डंपर
चंपावत में सड़क किनारे कीचड़ में डंपर फंस गया। बारिश के कारण मंच बाजार में सड़क किनारे कीचड़ भर गया था। रविवार को डंपर वाहन मंच से चंपावत जा रहा था। इस दौरान डंपर चालक ने सामने से आ रहे वाहन को पास दिया तो डंपर सड़क किनारे कीचड़ में फंस गया। चालक ने डंपर को सड़क पर लाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद यहां पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फंसे डंपर को दूसरे डंपर वाहन की मदद से खींचकर कीचड़ से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना कुछ माह पूर्व ठेकेदार ने नाली निर्माण का काम अधूरा छोड़ दिया था। नाली निर्माण को लेकर खोदाई की गई, लेकिन काम पूरा नहीं किया। इससे बारिश का पानी खोदाई वाली जगह पर भरने से कीचड़ हो जाता है। पानी भी सड़कों पर बहने लगता है। लोगों ने शीघ्र नाली निर्माण की मांग की है। 

80 रुपये किलो बिक रही है पहाड़ी मूली
बेड़ीनाग क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते सब्जियों के दामों में काफी इजाफा हो गया है। पहाड़ी मूली के दाम 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। महंगाई के चलते गृहणियों का बजट बिगड़ गया है। टमाटर कुछ दिन पहले 30 रुपये किलो बिक रहा था। वर्तमान में टमाटर के दाम 120 रुपये किलो पहुंच गए हैं। धनिया, पुदीना 20 रुपये प्रति गड्डी, शिमला मिर्च 80, प्याज 60 से 70, पहाड़ी आलू 60, फूल गोभी 100, कोल्ड स्टोर आलू 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। आसानी से उपलब्ध होने वाली पहाड़ी मूली भी 80 रुपये किलो बिक रही है। ऐसा पहली बार हुआ है जब मूली के दाम इतने अधिक पहुंचे हैं। मूली बारिश से खेतों में लगाई सब्जियां सड़ गई हैं। महंगाई बढ़ने से निर्धन परिवार के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

अस्कोट-जमतड़ी पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त
अस्कोट से पोखरी, दयाकोट, व्यालछीना, केलगाड़ा होते हुए जमतड़ी तक पैदल मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया। इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश पाल ने बताया यह मार्ग जिला परिषद के पास है। उपेंद्र पाल, फकीर राम, कर्ण सिंह, अमर सिंह, प्रकाश राम, उमेश राम आदि ने बताया कि रास्ते में कई जगह भूस्खलन हुआ है। तीन ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिपं सदस्य विनीता पाल ने कहा कि रास्ते की मरम्मत के लिए जिला पंचायत को पत्र भेजकर बजट की मांग की है। 


विधायक अधिकारी को आपदा प्रभावितों ने बताया अपना दर्द
लोहाघाट में विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने बाराकोट क्षेत्र में बारिश से हुए क्षति का जायजा लिया। उन्होंने बैड़ाओड़, पाडासोंसरा आदि गांवों के प्रभावितों को मदद का आश्वासन दिलाया। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें आपबीती बताई। पाड़ासोसेरा में आपदा से क्षतिग्रस्त हुए भवनों और आंगनबाड़ी केंद्र की सर्वेे रिपोर्ट बनाने के लिए अधिकारियाों से कहा। विधायक ने कहा भारी बारिश से लोहाघाट विधानसभा में हुए नुकसान को लेकर सीएम से आपदा के मानकों में ढील देने और आपदा पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग करेंगे। वहां होशियार सिंह बोहरा, संजय जोशी, सक्षम अधिकारी आदि मौजूद रहे। 

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