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Pithoragarh News: सवालः सभी निर्माण केएनयूजीआईसी में ही क्यों ?

Fri, 24 Nov 2023 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 24 Nov 2023 10:47 PM IST
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Question: Why all the construction in KNUGIC?
पिथौरागढ़। नगर के नजदीक होने से सभी निर्माण कार्य केएनयू जीआईसी में ही किए जा रहे हैं। इतने सारे निर्माण कार्य होने से केएनयू जीआईसी का अस्तित्व खत्म होने का डर सता रहा है। बता दें कि अभी तक केएनयू जीआईसी में दिव्यांग हॉस्टल, पुस्तकालय, शिक्षक भवन का निर्माण हो चुका है।
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मड़धूरा में 14 करोड़ से अधिक रुपये खर्च करने के बाद अब केएनयू जीआईसी में नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने की तैयारी की जा रही है। लोगों का कहना है कि केएनयू जीआईसी पीएमश्री योजना के लिए चयनित किया गया है। जिसमें 50 बेड का छात्रावास, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, भूगोल की आधुनिक प्रयोगशाला का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। अगर भूमि को इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए दे दिया गया तो विद्यालय के पीएमश्री बनने का सपना साकार नहीं हो पाएगा।
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सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए भूमि देने से मना कर चुका है। शासन को बताया गया है कि पहले हुए निर्माण कार्यों में केएनयू जीआईसी की काफी भूमि चली गई है। ऐसे में यहां निर्माण कार्य करना ठीक नहीं है। अगर ऐसे ही निर्माण कार्य होते रहे तो केएनयू जीआईसी का खेल मैदान भी खतरे की जद में आ जाएगा।
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केएनयू जीआईसी पिथौरागढ़ का इतिहास
पिथौरागढ़। केएनयू जीआईसी का समृद्ध इतिहास है। वर्ष 1927 में स्कूल के निर्माण के लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी के सामने स्कूल भवन के निर्माण के लिए धन की कमी आड़े आई। किसी तरह कमेटी ने पांच हजार रुपये विद्यालय निर्माण के लिए जमा किए। जब धन की व्यवस्था नहीं हो पाई तो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केएन उप्रेती चंदा जुटाने के लिए वर्मा गए।
वह यहां भूगर्भवेत्ता प्रो. खड़ग सिंह वल्दिया के पिता के पास तीन महीने रुके और 60 हजार रुपये जुटाकर वापस पिथौरागढ़ लौटे। 1928 में भवन का निर्माण कार्य पूरा हो पाया। वर्ष 1929 में यहां पर कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं का संचालन किया गया। 1932 में हाईस्कूल और 1952 में इंटरमीडिएट की कक्षाएं शुरू हुई। यहां से पढ़े छात्र-छात्राओं ने देश विदेशों में नाम रोशन किया है। संवाद
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केएनयू जीआईसी का प्रधानाचार्य आवास भी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास
पिथौरागढ़। केएनयूजीआईसी का प्रधानाचार्य आवास, छात्र-छात्राओं के लिए बनाए गए हॉस्टल भी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास है। प्रधानाचार्य और दूरस्थ क्षेत्रों से यहां पढ़ने को आए छात्र-छात्राएंं किराये पर रह रहे हैं। विद्यालय का जूनियर छात्र-छात्राओं के लिए बनाया गया ब्लाक भी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास है। वर्तमान में विद्यालय में 507 छात्र संख्या है। जिसमें सर्वाधिक बच्चे धारचूला और मुनस्यारी के हैं। विद्यालय भवन भी लंबे समय से मरमम्त नहीं होने के कारण जीर्णशीर्ण पड़ा हुआ है। संवाद

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इनसेट कोट-
केएनयू जीआईसी का चयन पीएम श्री के लिए हो गया है। पीएम श्री जमीन के आधार पर ही चयनित किया गया है। ऐसी स्थिति में जमीन देना संभव नहीं है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भेज दिया है।
गोविंद सिंह पोखरिया, प्रधानाचार्य केएनयू जीआईसी
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