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Pithoragarh News: डाक सेवक हड़ताल पर, ग्रामीण क्षेत्रों में चिट्ठी-पत्री का वितरण ठप
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चंपावत/ पिथौरागढ़। सात सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण डाक सेवकों ने मंगलवार से बेमियादी हड़ताल कर दी है। इस वजह से चंपावत जिले 360 ग्रामीण शाखा डाकघरोंं में ताले लटक गए हैं। डाकघरों में तालाबंदी से कामकाज ठप होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। हड़ताल से डाक की छंटाई से लेकर चिट्ठी-पत्री, पंजीकृत पत्र, स्पीड पोस्ट, पार्सल आदि का वितरण नहीं हो सकेगा। इसके अलावा आरडी (आवर्ती खाता), सुकन्या समृद्धि योजना, ग्रामीण डाक बीमा सहित अन्य कार्यों पर भी असर पड़ा है।
ग्रामीण डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव चरण सिंह ने कहा कि सरकार छह साल से केवल आश्वासन देने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। संगठन के अध्यक्ष भास्कर सिंह धामी, कार्यकारी अध्यक्ष नारायण चंद, भुवन जोशी, कर्ण बहादुर, त्रिलोक सिंह, ललित धामी, ललित बसेड़ा समेत अन्य ग्रामीण डाक सेवकों ने अपनी-अपनी शाखा डाकघर में तालाबंदी कर काम बंद रखा। चंपावत डाकघर के पोस्टर मास्टर जगदीश पांडे का कहना है कि ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से काम पर असर पड़ा है।
इधर पिथौरागढ़ में भी अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर डाकसेवकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। डाक सेवकों ने धरना देकर डाक विभाग पर उनके साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
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पिथौरागढ़ परिमंडल के डाक सेवक मंगलवार को मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर पर एकत्र हुए और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। धरना देने वालों में मंडलीय सचिव चरन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष भास्कर सिंह धामी, हयात सिंह बिष्ट, महेंद्र माहरा, नारायण चंद, कर्ण बहादुर सिंह, ललित बसेड़ी, त्रिलोक सिंह आदि डाक सेवक मौजूद रहे। संवाद
डाक सेवकों की ये हैं मांगे
- चार घंटे के बजाय आठ घंटे का काम मिले, पेंशन सहित सभी लाभ दिए जाएं।
- कमलेश चंद्र समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू किया।
- सामूहिक बीमा कवरेज की धनराशि पांच लाख तक बढ़ाई जाए।
- डाक सेवक और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
- सेवा निर्वहन लाभ योजना में जीडीएस और विभाग के योगदान को तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करें।
- व्यावसायिक लक्ष्यों के लिए सोशल मीडिया और मोबाइल उपकरणों का उपयोग करने के लिए मजबूर न किया जाए।
- सेवाओं को बढ़ाने और तेज करने के लिए सभी शाखा कार्यालयों को लैपटॉप, प्रिंटर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क दिया जाए।
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ग्रामीण डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव चरण सिंह ने कहा कि सरकार छह साल से केवल आश्वासन देने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। संगठन के अध्यक्ष भास्कर सिंह धामी, कार्यकारी अध्यक्ष नारायण चंद, भुवन जोशी, कर्ण बहादुर, त्रिलोक सिंह, ललित धामी, ललित बसेड़ा समेत अन्य ग्रामीण डाक सेवकों ने अपनी-अपनी शाखा डाकघर में तालाबंदी कर काम बंद रखा। चंपावत डाकघर के पोस्टर मास्टर जगदीश पांडे का कहना है कि ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल से काम पर असर पड़ा है।
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इधर पिथौरागढ़ में भी अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर डाकसेवकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। डाक सेवकों ने धरना देकर डाक विभाग पर उनके साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
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पिथौरागढ़ परिमंडल के डाक सेवक मंगलवार को मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर पर एकत्र हुए और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। धरना देने वालों में मंडलीय सचिव चरन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष भास्कर सिंह धामी, हयात सिंह बिष्ट, महेंद्र माहरा, नारायण चंद, कर्ण बहादुर सिंह, ललित बसेड़ी, त्रिलोक सिंह आदि डाक सेवक मौजूद रहे। संवाद
डाक सेवकों की ये हैं मांगे
- चार घंटे के बजाय आठ घंटे का काम मिले, पेंशन सहित सभी लाभ दिए जाएं।
- कमलेश चंद्र समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू किया।
- सामूहिक बीमा कवरेज की धनराशि पांच लाख तक बढ़ाई जाए।
- डाक सेवक और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
- सेवा निर्वहन लाभ योजना में जीडीएस और विभाग के योगदान को तीन से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करें।
- व्यावसायिक लक्ष्यों के लिए सोशल मीडिया और मोबाइल उपकरणों का उपयोग करने के लिए मजबूर न किया जाए।
- सेवाओं को बढ़ाने और तेज करने के लिए सभी शाखा कार्यालयों को लैपटॉप, प्रिंटर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क दिया जाए।