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Pithoragarh News: आधार में संशोधन कराने में ढीली हो रही जेब, समाधान शून्य
Tue, 10 Feb 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 10 Feb 2026 10:51 PM IST
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पिथौरागढ़ प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनाने और संशोधन के लिए पहुंचे लोग। संवाद
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आधार कार्ड में संशोधन करना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। संशोधन की इस प्रक्रिया में लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। तीन से चार बार शुल्क चुकाने के बाद भी आधार में संशोधन नहीं हो पा रहा है और परेशान लोग आधार केंद्रों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं।
जिले में 21 आधार केंद्र संचालित हैं। यहां हर रोज एक हजार से अधिक लोग आधार कार्ड बनाने और इसमें संशोधन के लिए पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि नया आधार कार्ड बनाने में तो कोई दिक्कत नहीं हो रही है लेकिन संशोधन करना चुनौती बना हुआ है। लोगों की इस समस्या को जानने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी ने विभिन्न आधार केंद्रों की पड़ताल की।
टीम सबसे अधिक भीड़ वाले प्रधान डाकघर में संचालित केंद्र पहुंची तो सामने आया कि दो से तीन बार शुल्क चुकाने के बाद भी आधार में संशोधन नहीं हो रहा है। कई लोगों ने बताया कि वह तीसरे से चौथी बार संशोधन के लिए केंद्र पवर पहुंचे हैं। हर बार उनसे इसके लिए 75 रुपये शुल्क लिया गया। इसके बाद भी आधार कार्ड में जन्मतिथि, नाम और पता सही नहीं हुआ।
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इसके बाद टीम ने कलक्ट्रेट, सिल्थाम, डिग्री कॉलेज सहित अन्य केंद्रों में भी लोगों से बात की। सभी केंद्रों में 250 से अधिक लोग ऐसे मिले जो दूसरी से तीसरी बार आधार संशोधन के लिए केंद्र पहुंचे थे। लोगों का कहना था कि आधार संशोधन के लिए हम लुट रहे हैं और सरकार की तिजोरी भर रही है लेकिन समस्या का समाधान तब भी नहीं हो पा रहा है।
आधार कार्ड में संशोधन न होने से काम भी अटके
लोगों का कहना है कि आधार कार्ड में संशोधन के लिए केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। आधार में संशोधन न होने से कई काम भी अटक गए हैं। बैंक और डाकघरों में खाता नहीं खुल पा रहा है। बच्चों को छात्रवृत्ति सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना भी मुश्किल हो गया है।
बोले लोग
पत्नी के आधार कार्ड में नाम संशोधित कराना है। इसके लिए तीन बार केंद्र पर पहुंचकर शुल्क जमा किया। इसके बाद भी काम नहीं हुआ है। कब तक हम शुल्क चुकाते हुए इसके लिए केंद्रों के चक्कर लगाते रहेंगे। - किशन चंद, ऐंचोली
बेटे के आधार कार्ड में नाम संशोधित करने के लिए दो बार केंद्र पहुंची। इसके बाद भी संशोधन नहीं हुआ। हर बार ही इसके लिए शुल्क चुकाया। बगैर काम के ही शुल्क लेना गलत है। - सरिता देवी, भदेलवाड़ा
दूसरी बार बच्चे की जन्मतिथि में संशोधन के लिए पहुंची हूं। जन्म प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत कर दिया है। इसके बाद भी संशोधन नहीं हुआ है। कब तक हम केंद्रों के चक्कर लगाते रहेंगे। व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। - कविता देवी, कनालीछीना
नाम संशोधित करने के लिए तीन बार शुल्क जमा कर दिया है। सभी जरूरी दस्तावेज देने के बाद भी नाम संशोधित न होने से परेशानी है। बैंक खाता भी नहीं खुल पा रहा है। एक काम के लिए कई बार शुल्क लेने से हम पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। - रमेश राम, कुमौड़
कोट
आधार में संशोधन के लिए जरूरी दस्तावेज यूआईडीएआई की वेबसाइट पर अपलोड करना हमारा काम है। आगे की कार्रवाई वहीं से होती है। निश्चित तौर लोग कई बार आधार में संशोधन के लिए पहुंच रहे हैं। इस मामले में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। - प्रवीण कुमार, ऑपरेटर, आधार केंद्र, प्रधान डाकघर, पिथौरागढ़
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जिले में 21 आधार केंद्र संचालित हैं। यहां हर रोज एक हजार से अधिक लोग आधार कार्ड बनाने और इसमें संशोधन के लिए पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि नया आधार कार्ड बनाने में तो कोई दिक्कत नहीं हो रही है लेकिन संशोधन करना चुनौती बना हुआ है। लोगों की इस समस्या को जानने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी ने विभिन्न आधार केंद्रों की पड़ताल की।
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टीम सबसे अधिक भीड़ वाले प्रधान डाकघर में संचालित केंद्र पहुंची तो सामने आया कि दो से तीन बार शुल्क चुकाने के बाद भी आधार में संशोधन नहीं हो रहा है। कई लोगों ने बताया कि वह तीसरे से चौथी बार संशोधन के लिए केंद्र पवर पहुंचे हैं। हर बार उनसे इसके लिए 75 रुपये शुल्क लिया गया। इसके बाद भी आधार कार्ड में जन्मतिथि, नाम और पता सही नहीं हुआ।
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इसके बाद टीम ने कलक्ट्रेट, सिल्थाम, डिग्री कॉलेज सहित अन्य केंद्रों में भी लोगों से बात की। सभी केंद्रों में 250 से अधिक लोग ऐसे मिले जो दूसरी से तीसरी बार आधार संशोधन के लिए केंद्र पहुंचे थे। लोगों का कहना था कि आधार संशोधन के लिए हम लुट रहे हैं और सरकार की तिजोरी भर रही है लेकिन समस्या का समाधान तब भी नहीं हो पा रहा है।
आधार कार्ड में संशोधन न होने से काम भी अटके
लोगों का कहना है कि आधार कार्ड में संशोधन के लिए केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। आधार में संशोधन न होने से कई काम भी अटक गए हैं। बैंक और डाकघरों में खाता नहीं खुल पा रहा है। बच्चों को छात्रवृत्ति सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना भी मुश्किल हो गया है।
बोले लोग
पत्नी के आधार कार्ड में नाम संशोधित कराना है। इसके लिए तीन बार केंद्र पर पहुंचकर शुल्क जमा किया। इसके बाद भी काम नहीं हुआ है। कब तक हम शुल्क चुकाते हुए इसके लिए केंद्रों के चक्कर लगाते रहेंगे। - किशन चंद, ऐंचोली
बेटे के आधार कार्ड में नाम संशोधित करने के लिए दो बार केंद्र पहुंची। इसके बाद भी संशोधन नहीं हुआ। हर बार ही इसके लिए शुल्क चुकाया। बगैर काम के ही शुल्क लेना गलत है। - सरिता देवी, भदेलवाड़ा
दूसरी बार बच्चे की जन्मतिथि में संशोधन के लिए पहुंची हूं। जन्म प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत कर दिया है। इसके बाद भी संशोधन नहीं हुआ है। कब तक हम केंद्रों के चक्कर लगाते रहेंगे। व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। - कविता देवी, कनालीछीना
नाम संशोधित करने के लिए तीन बार शुल्क जमा कर दिया है। सभी जरूरी दस्तावेज देने के बाद भी नाम संशोधित न होने से परेशानी है। बैंक खाता भी नहीं खुल पा रहा है। एक काम के लिए कई बार शुल्क लेने से हम पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। - रमेश राम, कुमौड़
कोट
आधार में संशोधन के लिए जरूरी दस्तावेज यूआईडीएआई की वेबसाइट पर अपलोड करना हमारा काम है। आगे की कार्रवाई वहीं से होती है। निश्चित तौर लोग कई बार आधार में संशोधन के लिए पहुंच रहे हैं। इस मामले में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। - प्रवीण कुमार, ऑपरेटर, आधार केंद्र, प्रधान डाकघर, पिथौरागढ़