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जमते-जमते रह गया पिथौरागढ़
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नाचनी में खेतों में बिछी पाले की चादर। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/नाचनी। इन दिनों रात को गिर रहे पाले के कारण सीमांत क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बृहस्पतिवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। पारा एक डिग्री से भी नीचे गिर गया। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री और अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था।
पिछले चार दिनों से मौसम साफ रहने के बाद भी ठंड में इजाफा हुआ है। ठंड बढ़ने के कारण रात को गिर रहे पाले को माना जा रहा है। आसमान साफ रहने पर जाड़े के मौसम में पाला गिरता है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री रिकार्ड किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार आने वाली 29 दिसंबर तक ठंड का असर बरकरार रहेगा। पाला गिरने के कारण संपूर्ण जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। लोग ठंड से बचने के लिए आग का सहारा ले रहे हैं।
पाले के कारण नाचनी समेत तमाम घाटी वाले इलाकों के तापमान में भी गिरावट आ रही है। बताया जा रहा है कि रात के समय घाटी वाले इलाकों में भी न्यूनतम तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस रह जाता है। पाले का असर पत्तीदार सब्जी, केला, आम, पपीता पर पड़ रहा है। पत्तीदार सब्जियां सूख रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के महीने में बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई दे रही है।
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पिछले चार दिनों से मौसम साफ रहने के बाद भी ठंड में इजाफा हुआ है। ठंड बढ़ने के कारण रात को गिर रहे पाले को माना जा रहा है। आसमान साफ रहने पर जाड़े के मौसम में पाला गिरता है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री रिकार्ड किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार आने वाली 29 दिसंबर तक ठंड का असर बरकरार रहेगा। पाला गिरने के कारण संपूर्ण जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। लोग ठंड से बचने के लिए आग का सहारा ले रहे हैं।
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पाले के कारण नाचनी समेत तमाम घाटी वाले इलाकों के तापमान में भी गिरावट आ रही है। बताया जा रहा है कि रात के समय घाटी वाले इलाकों में भी न्यूनतम तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस रह जाता है। पाले का असर पत्तीदार सब्जी, केला, आम, पपीता पर पड़ रहा है। पत्तीदार सब्जियां सूख रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के महीने में बारिश की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई दे रही है।
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