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Pithoragarh News: उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम के तहत पिथौरागढ़ को नहीं मिले चिकित्सक
Fri, 19 Jan 2024 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 19 Jan 2024 11:28 PM IST
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम प्रोजेक्ट की ओर से पिथौरागढ़ महिला अस्पताल को मिले सभी चिकित्सक वापस चले गए हैं। इससे महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा चरमरा गई है।
प्रदेश भर में उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम प्रोजेक्ट में पांच जिलों बागेश्वर, गोपेश्वर, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ महिला अस्पताल का चयन किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल के सुधारीकरण, सौंदर्यीकरण, बिजली, पानी, सीवर और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड सहित कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। अस्पताल को बायोमेडिकल उपकरण, फर्नीचर, ट्रांसफार्मर, लेवर रूम का आधुनिकीकरण और ओटी को माड्यूलर बनाया जाना है। इसके लिए उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम की टीम ने मुआयना कर प्रस्ताव बनाया है।
उच्च स्तर पर बैठक के बाद छोटे-छोटे ठेकेदारों को कार्य दे दिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक चयनित अस्पताल को 10 स्टाफ नर्स, 10 विशेषज्ञ चिकित्सक, दो लैब तकनीशियन, एक एक्स-रे तकनीशियन दिलाए जाने थे। शुरुआत में अस्पतालों को दिलाए भी गए, लेकिन अब अस्पताल में एक ईएनटी सर्जन, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ ही बचे हुए हैं। अस्पताल प्रबंधन लंबे समय से शासन और कंपनी को विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख रहा है। इसके बाद भी यहां नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। इससे अस्पताल प्रबंधन और मरीजों को दिक्कत हो रही है।
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नेपाल और चंपावत के रोगियों का भी भार
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के एकमात्र महिला अस्पताल में जिले के आठ विकासखंड कनालीछीना,डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला,बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, मूनाकोट और बिण विकासखंड के रोगियों का भार है। इसके अलावा यहां बड़ी संख्या में नेपाल और चंपावत जिले से भी बड़ी संख्या में महिला रोगी आते हैं। रोगियों को सुविधाएं नहीं मिलने के कारण उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। संवाद
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इनसेट कोट-
जिला महिला अस्पताल में उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम प्रोजेक्ट के तहत चिकित्सकों की नियुक्तियों और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। चिकित्सक और सुविधाएं नहीं मिलने से दिक्कतें हो रही हैं।
डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस जिला एवं महिला अस्पताल पिथौरागढ़।
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प्रदेश भर में उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम प्रोजेक्ट में पांच जिलों बागेश्वर, गोपेश्वर, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ महिला अस्पताल का चयन किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल के सुधारीकरण, सौंदर्यीकरण, बिजली, पानी, सीवर और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड सहित कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। अस्पताल को बायोमेडिकल उपकरण, फर्नीचर, ट्रांसफार्मर, लेवर रूम का आधुनिकीकरण और ओटी को माड्यूलर बनाया जाना है। इसके लिए उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम की टीम ने मुआयना कर प्रस्ताव बनाया है।
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उच्च स्तर पर बैठक के बाद छोटे-छोटे ठेकेदारों को कार्य दे दिया है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक चयनित अस्पताल को 10 स्टाफ नर्स, 10 विशेषज्ञ चिकित्सक, दो लैब तकनीशियन, एक एक्स-रे तकनीशियन दिलाए जाने थे। शुरुआत में अस्पतालों को दिलाए भी गए, लेकिन अब अस्पताल में एक ईएनटी सर्जन, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ ही बचे हुए हैं। अस्पताल प्रबंधन लंबे समय से शासन और कंपनी को विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिख रहा है। इसके बाद भी यहां नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। इससे अस्पताल प्रबंधन और मरीजों को दिक्कत हो रही है।
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नेपाल और चंपावत के रोगियों का भी भार
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के एकमात्र महिला अस्पताल में जिले के आठ विकासखंड कनालीछीना,डीडीहाट, मुनस्यारी, धारचूला,बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, मूनाकोट और बिण विकासखंड के रोगियों का भार है। इसके अलावा यहां बड़ी संख्या में नेपाल और चंपावत जिले से भी बड़ी संख्या में महिला रोगी आते हैं। रोगियों को सुविधाएं नहीं मिलने के कारण उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। संवाद
इनसेट कोट-
जिला महिला अस्पताल में उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम प्रोजेक्ट के तहत चिकित्सकों की नियुक्तियों और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। चिकित्सक और सुविधाएं नहीं मिलने से दिक्कतें हो रही हैं।
डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस जिला एवं महिला अस्पताल पिथौरागढ़।