अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। इन दिनों विभिन्न सड़कों पर चीड़ का पीरुल गिरा हुआ है। इस कारण जहां एक ओर आग लगने की आशंका रहती है, वहीं वाहनों के फिसलने का भी खतरा रहता है। सूखा पीरूल अधिक ज्वलनशील होने के कारण इसमें एकदम आग पकड़ लेती है। कई बार राहगीरों द्वारा माचिस की तीली सड़कों पर फेंक देने से यह आग दूर जंगलों तक फैल जाती है। इससे वनों को काफी नुकसान होता है। इसके अलावा सड़कों पर लगने वाले पीरुल के ढेर में दुपहिया वाहनों के साथ ही कई बार वाहन भी फिसल जाते हैं। इससे दुर्घटना का भय बना रहता है। इससे पहले भी पिरूल में फिसल कर वाहनों के खाई में गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
---: बेड़ीनाग में वन विभाग ने सड़क से पिरूल हटाए :: बेड़ीनाग (पिथौरागढ)। वन विभाग ने फायर सीजन में आग लगने की आशंका को देखते हुए पिरूल हटाने का काम शुरू कर दिया है। वन क्षेत्र अधिकारी चन्द्र महरा के नेतृत्व में वन अग्नि सुरक्षा कार्य के तहत वन बीट अधिकारी ज्योति वर्मा ने पिरूलों को सड़कों और नालियों से हटवाया। इस दौरान श्रमिक गोपाल राम, चन्दन कोरंगा, भूपाल राम, दिवान राम, शुभम वर्मा, शतीष वर्मा आदि मौजूद रहे।