फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   People who do not go to bath now in the river Kokila

कोकिला नदी में अब नहाने नहीं जाते लोग

Mon, 03 Apr 2017 10:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/अमर उजाला, थल (पिथौरागढ़)। Updated Mon, 03 Apr 2017 10:11 PM IST
विज्ञापन
People who do not go to bath now in the river Kokila
थल में कोकिला नदी के तालाब में पटी गंदगी। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
रामगंगा की सहायक नदी कोकिला को स्कंदपुराण में क्रांति नदी नाम दिया गया है। पांखू के कोटगाड़ी मंदिर से नदी का उद्गम होता है। इसमें कई स्रोतों का पानी मिलता है। पहले यह नदी इतनी पवित्र मानी जाती थी कि लोग खास पर्वों में इसमें स्नान करते थे।

धीरे-धीरे पहाड़ की अन्य नदियों की तरह ही यह नदी भी प्रदूषण की चपेट में आने लगी। 1990 के बाद नदी में पानी कम होने लगा। तालाबों में जमा गंदगी को बहने लायक पानी न होने के कारण वह उसी में सड़ जाता है।
विज्ञापन


पहले गर्मी के मौसम में कोकिला नदी में नहाने वालों की काफी भीड़ रहती थी। इस नदी में कई तालाब हैं। अब यह तालाब इतने गंदे हो गए हैं कि कोई भी उसमें स्नान के लिए नहीं जाता। इस नदी में गांवों की गंदगी, कूड़ा आदि भरता जा रहा है। थल में जब कोकिला रामगंगा में मिलती है तो उसमें गंदगी के कारण प्रवेश कर पाना संभव नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन



नदी का पूरा तट खुले में शौच करने वालों ने पाट दिया है। इलाके की अन्य नदियों की तरह ही इसमें भी कभी सफाई का कोई अभियान नहीं चला और न किसी ने लोगों को यह बताने की कोशिश की कि नदी में गंदगी न डालें। कोकिला भी अपने साथ लाई सारी गंदगी को रामगंगा में पाटती जाती है। एक समय में जो संगम काफी पवित्र माना जाता था, अब उसमें सिर्फ गंदगी ही दिखती है। स्थानीय स्तर पर भी नदी में स्वच्छता का कभी कोई अभियान नहीं चला। खतरा इस बात का है कि कहीं आने वाले समय में नदी का अस्तित्व ही समाप्त न हो जाए, क्योंकि इसका पानी लगातार कम हो रहा है।



सरकार नदियों की जल्दी सफाई करे
यहां के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि नदियों की सफाई के लिए अभियान चलाया जाए। सामाजिक कार्यकर्ता राम सिंह जंगपांगी, हरीश जोशी, गंगा सिंह मेहता, लीलाधर भट्ट, सलीम खान ने कहा कि जब छोटी नदियां साफ सुथरी रहेंगी, तभी बड़ी नदियों को गंदगी से मुक्त किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed