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चौंदास घाटी के लोग औषधीय पादपों से बनेंगे आत्मनिर्भर
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पिथौरागढ़ में चौंदास घाटी में औषधीय पादपों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद लोग।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले के धारचूला विकासखंड के चौंदास क्षेत्र में भारत अमृत महोत्सव के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर हिमालयी औषधीय पादपों के महत्व समेत कई विषयों पर जानकारी दी गई।
चौंदास घाटी में गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा ने हिमालयी औषधीय पादपों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें स्थानीय कृषकों को हिमालयी औषधीय पादपों की महत्ता, बाजार मांग, हर्बल दवा निर्माण, कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए प्रतिरोधक दवाओं के निर्माण आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की गई।
राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के तहत क्षेत्र में किए गए विभिन्न शोध कार्यों, जड़ी-बूटी की वृहद खेती, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं के बारे में बताया गया। परियोजना के तहत करीब सौ किसान विभिन्न जड़ी-बूटियों, वन हल्दी, कूट-कुटकी आदि की खेती कर रहें हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषकों की आजीविका में सुधार करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत ऊंचाई वाली हिमालयी जड़ी-बूटी कूट-कुटकी, वनहल्दी के पांच हजार से अधिक पौध स्थानीय कृषकों को निशुल्क बांटे गए हैं। कृषकों को खेत तैयार करना, पौधरोपण आदि विषयों पर तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में संस्थान के डॉ. अमित बहुखंडी, कुलदीप जोशी, हेमंत सिंह, लक्ष्मण मर्तोलिया ने कई महत्वपूर्ण जानकारी कृषकों को दी।
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चौंदास घाटी में गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा ने हिमालयी औषधीय पादपों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें स्थानीय कृषकों को हिमालयी औषधीय पादपों की महत्ता, बाजार मांग, हर्बल दवा निर्माण, कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए प्रतिरोधक दवाओं के निर्माण आदि विषयों पर जानकारी प्रदान की गई।
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राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के तहत क्षेत्र में किए गए विभिन्न शोध कार्यों, जड़ी-बूटी की वृहद खेती, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं के बारे में बताया गया। परियोजना के तहत करीब सौ किसान विभिन्न जड़ी-बूटियों, वन हल्दी, कूट-कुटकी आदि की खेती कर रहें हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषकों की आजीविका में सुधार करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत ऊंचाई वाली हिमालयी जड़ी-बूटी कूट-कुटकी, वनहल्दी के पांच हजार से अधिक पौध स्थानीय कृषकों को निशुल्क बांटे गए हैं। कृषकों को खेत तैयार करना, पौधरोपण आदि विषयों पर तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम में संस्थान के डॉ. अमित बहुखंडी, कुलदीप जोशी, हेमंत सिंह, लक्ष्मण मर्तोलिया ने कई महत्वपूर्ण जानकारी कृषकों को दी।
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