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Pithoragarh News: मेडिकल कॉलेज के लिए नहीं बनी नई पंपिंग योजना
Thu, 15 May 2025 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 15 May 2025 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए दो साल बाद भी नई पंपिंग योजना नहीं बन सकी है। योजना के लिए 108 लाख स्वीकृत हुए हैं। यह धन सरकारी खाते में डंप है और मेडिकल कॉलेज के निर्माण में हर रोज 20 हजार लीटर पेयजल खर्च हो रहा है। निर्माण कार्य में पेयजल खर्च होने से नगर में आए दिन किल्लत हो रही है।
दो साल पूर्व चंडाक के मोस्टमानू मंदिर के पास मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ। इसके निर्माण में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 108.46 लाख की नई पंपिंग योजना बननी थी। शासन से धन स्वीकृत होने के बाद भी अब तक पंपिंग योजना का निर्माण नहीं हो सका है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण में हर रोज 20 हजार लीटर से अधिक पानी खर्च हो रहा है। नगर के लोगों की प्यास बुझाने वाली आंवलाघाट पेयजल योजना से निर्माण कार्य के लिए पानी की जरूरत पूरी हो रही है। पेयजल निर्माण कार्य में खर्च हो रहा है और नगर में आए दिन लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं।
आंवलाघाट योजना का संचालन करने वाले जल निगम ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है। जल निगम के मुताबिक यदि मेडिकल कॉलेज के लिए नई पंपिंग योजना बनती तो आंवलाघाट योजना का पर्याप्त पानी नगर के लोगों को मिलता। संवाद
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पाइप लाइन भी नहीं हो सकी शिफ्ट
पिथौरागढ़। जल निगम के मुताबिक निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज से आंवलाघाट पंपिंग योजना की पाइप लाइन गुजरती है। इस लाइन को भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को शिफ्ट करना था। इसके लिए 45.55 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। दो साल बाद भी पाइप लाइन शिफ्ट नहीं हो सकी है। इसी लाइन से मिलने वाले पानी से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। संवाद
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में आंवलाघाट पेयजल योजना का पानी उपयोग में लाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए नई पंपिंग योजना बनती तो पेयजल की बचत होती।
रंजीत धर्मसक्तू, ईई, जल निगम, पिथौरागढ़।
मेडिकल कॉलेज के लिए नई पंपिंग योजना स्वीकृत हुई है। इसके निर्माण के संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़।
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दो साल पूर्व चंडाक के मोस्टमानू मंदिर के पास मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ। इसके निर्माण में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 108.46 लाख की नई पंपिंग योजना बननी थी। शासन से धन स्वीकृत होने के बाद भी अब तक पंपिंग योजना का निर्माण नहीं हो सका है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण में हर रोज 20 हजार लीटर से अधिक पानी खर्च हो रहा है। नगर के लोगों की प्यास बुझाने वाली आंवलाघाट पेयजल योजना से निर्माण कार्य के लिए पानी की जरूरत पूरी हो रही है। पेयजल निर्माण कार्य में खर्च हो रहा है और नगर में आए दिन लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं।
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आंवलाघाट योजना का संचालन करने वाले जल निगम ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है। जल निगम के मुताबिक यदि मेडिकल कॉलेज के लिए नई पंपिंग योजना बनती तो आंवलाघाट योजना का पर्याप्त पानी नगर के लोगों को मिलता। संवाद
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पाइप लाइन भी नहीं हो सकी शिफ्ट
पिथौरागढ़। जल निगम के मुताबिक निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज से आंवलाघाट पंपिंग योजना की पाइप लाइन गुजरती है। इस लाइन को भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को शिफ्ट करना था। इसके लिए 45.55 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। दो साल बाद भी पाइप लाइन शिफ्ट नहीं हो सकी है। इसी लाइन से मिलने वाले पानी से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। संवाद
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में आंवलाघाट पेयजल योजना का पानी उपयोग में लाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए नई पंपिंग योजना बनती तो पेयजल की बचत होती।
रंजीत धर्मसक्तू, ईई, जल निगम, पिथौरागढ़।
मेडिकल कॉलेज के लिए नई पंपिंग योजना स्वीकृत हुई है। इसके निर्माण के संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, पिथौरागढ़।