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शांति, सुरक्षा और समृद्धि की पूजा
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
Updated Mon, 13 Jun 2016 10:49 PM IST
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शांति, सुरक्षा और समृद्धि की पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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सीमांत के जनजातीय गांवों में वार्षिक देवपूजन का कार्य जोरशोर से चल रहा है। पूरे इलाके की शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए गर्ब्यांग गांव के ग्रामीण जेठ शुक्ल पक्ष की पंचमी से पूर्णमासी तक विशेष पूजा -अर्चना करते रहते हैं।
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गांव के मुुख्य देव डांगर आनंद सिंह गर्ब्याल ने बताया कि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में शिव के प्रसिद्ध अंश ‘ह्या नमज्युंग‘ के विशेष अनुमति से ही देवता तथा आम श्रद्धालु कैलास धाम के दर्शन के अधिकारी बन सकते हैं। इसलिए नमज्युंग देवता की पूजा अर्चना की जाती है।
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साथ ही कैलास धाम में शिव के मुख्य ध्यान स्थल ‘सरसों दर्बोच्ये‘ में स्थित देव विजय पताका दर्च्यो की स्थापना का विधान है। पारंपरिक दलंग प्रसाद से देवों की पूजा स्तुति की गई। इस के साथ ही देवताओं के कैलास जाने का क्रम शुरू हो जाता है ऐसी मान्यता है। पूर्णमासी के दिन ‘खज्यर नाथ‘ की विशेष पूजा की जाएगी।
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कैलास यात्री भी तिब्बत स्थित खज्यरनाथ धाम में शिव की विशेष पूजा करते हैं। कैलास यात्रा शुरू होने के साथ ही सीमांत के गांवों में पूजा पाठ की धूम है। जिस से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो रहा है। प्राचीन समय में सीमांत के अधिकांश लोग कैलास यात्रा पर जाते थे। यात्रा पर जाने से पहले लोग गांव में लोकदेवता की पूजा करते थे। आज अब लोग यात्रा पर तो नहीं जा पाते लेकिन पूजा चलती रहती है।