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Pithoragarh News: पटवारी खुशाल सिंह ह्यांकी ने दान में आश्रम के लिए दी थी भूमि
Thu, 05 Oct 2023 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 05 Oct 2023 11:02 PM IST
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पिथौरागढ़। धारचूला के चौदास घाटी में स्थित नारायण स्वामी आश्रम में 11 अक्तूबर को पीएम मोदी का रात्रि विश्राम का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस आश्रम के लिए सोसा गांव के तत्कालीन पटवारी खुशाल सिंह ह्यांकी ने जमीन दान की थी।
स्वामी जी 1935 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर आए थे। वापसी में चौदास घाटी स्थित सोसा गांव के पास की भूमि काफी पसंद आई और वह यही छोटी कुटिया बनाकर रहने लगे। उन्होंने यहां आश्रम बनाने की इच्छा जाहिर की।
इस पर पटवारी खुशाल सिंह ह्यांकी ने स्वामी को आश्रम की मुख्य मंदिर वाली भूमि दान की। इस भूमि के कागजात अल्मोड़ा के दस्तावेज नवीस गोविंद राम पांडे ने तैयार किए। तब पांच रुपये के स्टांप पेपर पर यह दानपत्र तैयार किया गया। खेती वाली जगह और सेब के दो बगीचे आश्रम वालों ने ग्रामीणों से खरीदे।
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इसके बाद वर्ष 1938 में आश्रम निर्माण का कार्य सुचारु रूप से शुरू किया गया। प्रधानमंत्री के इस आश्रम में ध्यान लगाने और रात्रि प्रवास से चौदास घाटी को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। संवाद
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स्वामी जी 1935 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर आए थे। वापसी में चौदास घाटी स्थित सोसा गांव के पास की भूमि काफी पसंद आई और वह यही छोटी कुटिया बनाकर रहने लगे। उन्होंने यहां आश्रम बनाने की इच्छा जाहिर की।
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इस पर पटवारी खुशाल सिंह ह्यांकी ने स्वामी को आश्रम की मुख्य मंदिर वाली भूमि दान की। इस भूमि के कागजात अल्मोड़ा के दस्तावेज नवीस गोविंद राम पांडे ने तैयार किए। तब पांच रुपये के स्टांप पेपर पर यह दानपत्र तैयार किया गया। खेती वाली जगह और सेब के दो बगीचे आश्रम वालों ने ग्रामीणों से खरीदे।
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इसके बाद वर्ष 1938 में आश्रम निर्माण का कार्य सुचारु रूप से शुरू किया गया। प्रधानमंत्री के इस आश्रम में ध्यान लगाने और रात्रि प्रवास से चौदास घाटी को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। संवाद