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Pithoragarh News: सुबह के समय मरीज इमरजेंसी के भरोसे
Tue, 17 Oct 2023 12:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 17 Oct 2023 12:11 AM IST
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़। संवाद
पिथौरागढ़। बीडी पांडे जिला अस्पताल में सुबह के समय मरीज इमरजेंसी के भरोसे रहते हैं। अधिकांश चिकित्सक भर्ती मरीजों को देखने के बाद ही अपने कक्ष पर बैठते हैं। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए सुबह साढ़े सात बजे से पहुंचने लगते हैं। आठ बजे पर्चा कटाने के बाद उन्हें चिकित्सक नहीं मिलते हैं। ऐसे में उन्हें इमरजेंसी में जाकर जांच करानी पड़ती है। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक पूछताछ के बाद मरीजों की जांच लिखते हैं। जांच होने के बाद मरीज चिकित्सकों को दिखाते हैं। फिजिशियन, सर्जन के पास सबसे अधिक मरीज आते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के राउंड पर होने से उन्हें उपचार में दिक्कत होती है।
जिला अस्पताल में हर रोज 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। लोगों का कहना है कि चिकित्सक को नौ से 10 बजे तक अपने कक्ष में बैठना चाहिए ताकि सभी को इलाज समय पर मिल सके। पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि अस्पताल में काफी मरीज भर्ती हैं। उनकी जांच के बाद चिकित्सक अपने कक्ष में बैठते हैं। जिन मरीजों को अधिक समस्या होती है उनका इलाज इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक करते हैं।
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सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गई थी, लेकिन फिजिशियन राउंड पर थे तो इमरजेंसी में दिखाना पड़ा। सभी जांच कराने के बाद फिजिशियन को दिखाया।
कमला देवी, चंडाक।
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अस्पताल में सुबह आठ बजे आकर चिकित्सक तो मिलते नहीं है। इमरजेंसी में ही उपचार कराना पड़ता है। कई बार तो इमरजेंसी में भी भीड़ के कारण इलाज नहीं मिलता है।
अभिषेक, जाजरदेवल।
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जिला अस्पताल में नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए सुबह साढ़े सात बजे से पहुंचने लगते हैं। आठ बजे पर्चा कटाने के बाद उन्हें चिकित्सक नहीं मिलते हैं। ऐसे में उन्हें इमरजेंसी में जाकर जांच करानी पड़ती है। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक पूछताछ के बाद मरीजों की जांच लिखते हैं। जांच होने के बाद मरीज चिकित्सकों को दिखाते हैं। फिजिशियन, सर्जन के पास सबसे अधिक मरीज आते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के राउंड पर होने से उन्हें उपचार में दिक्कत होती है।
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जिला अस्पताल में हर रोज 500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। लोगों का कहना है कि चिकित्सक को नौ से 10 बजे तक अपने कक्ष में बैठना चाहिए ताकि सभी को इलाज समय पर मिल सके। पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि अस्पताल में काफी मरीज भर्ती हैं। उनकी जांच के बाद चिकित्सक अपने कक्ष में बैठते हैं। जिन मरीजों को अधिक समस्या होती है उनका इलाज इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक करते हैं।
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सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंच गई थी, लेकिन फिजिशियन राउंड पर थे तो इमरजेंसी में दिखाना पड़ा। सभी जांच कराने के बाद फिजिशियन को दिखाया।
कमला देवी, चंडाक।
अस्पताल में सुबह आठ बजे आकर चिकित्सक तो मिलते नहीं है। इमरजेंसी में ही उपचार कराना पड़ता है। कई बार तो इमरजेंसी में भी भीड़ के कारण इलाज नहीं मिलता है।
अभिषेक, जाजरदेवल।