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Pithoragarh News: दिल के उपचार के लिए मरीज लगा रहे हैं 230 किमी की दौड़

Mon, 22 May 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 22 May 2023 10:50 PM IST
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Patients are running 230 km for heart treatment
पिथौरागढ़। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को 230 किमी हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
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पांच लाख की आबादी वाले पिथौरागढ़ जिले के एकमात्र सुविधा संपन्न जिला अस्पताल में सात वर्षों से हृदय रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं होने मरीजों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से मरीजों की जांच करने के बाद उन्हें रेफर ही करना पड़ता है। मरीजों को उपचार के लिए यहां से 230 किमी हल्द्वानी या बरेली समेत अन्य जगह की दौड़ लगानी पड़ती है। ज्यादातर मरीज दिल की समस्या होने पर अस्पताल आने के बजाए हल्द्वानी, बरेली देहरादून या अन्य जगह चले जाते हैं।
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वर्ष 2015 तक जिला अस्पताल हृदय रोग विशेषज्ञ और पीएमएस डॉ. एचसी पाठक मरीजों का उपचार करते थे। उनके सेवानिवृत होने के बाद से जिला अस्पताल में मरीजों को दिल की बीमारी का उपचार नहीं मिल पा रहा है। फिजिशियन ही इस तरह की समस्या वाले मरीजों की जांच करते हैं।
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जिला अस्पताल के मुख्य फिजिशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू ने बताया कि हर माह दिल की बीमारी से परेशान 30 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। उन्हें जांच के बाद हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद स्वीकृत नहीं है। पूर्व में डिप्लोमा धारी पूर्व पीएमएस डॉ. पाठक मरीजों का उपचार करते थे। बाद में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स बंद कर दिया गया था, जिसके बाद से दिल के मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में नहीं होता है।

हर माह होती है लगभग 500 ईसीजी
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में हर माह करीब 500 मरीजों के ईसीजी होती है। अस्पताल में किसी प्रकार के ऑपरेशन और फेफड़ों से संबंधित समस्या के चलते चिकित्सक मरीजों की ईसीजी कराते हैं। संवाद
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