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पभ्या की प्रसव पीड़िता को डोली से पहुंचाया अस्पताल
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पभ्या गांव की एक प्रसव पीड़िता अस्पताल में प्रसव के बाद डोली के सहारे घर में रात 12 बजे पहुंची।
- फोटो : PITHORAGARH
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गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। आजादी के 75 वर्ष बाद भी गणाई गंगोली के पभ्या गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। सड़क नहीं होने के कारण पभ्या गांव की एक प्रसव पीड़िता को डोली में रखकर चार किमी उबड़-खाबड़ पैदल रास्तों से पहले अस्पताल और प्रसव के बाद फिर खड़ी चढ़ाई पार कर घर पहुंचाया गया। आवाजाही में सुबह आठ से रात के 12 बज गए।
पभ्या गांव निवासी गर्भवती पूजा डोबाल(22) को अचानक प्रसव पीड़ा उठी। चलने की हालत नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें डोली से उबड़-खाबड़ रास्ते पार कर नायल तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन बुक कराकर 38 किमी दूर बेड़ीनाग अस्पताल ले जाया गया। यहां पूजा ने कन्या को जन्म दिया। सामान्य प्रसव के बाद पूजा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद परिजन वाहन से प्रसूता और नवजात को नायल लाए और फिर वहां से डोली से घर तक पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी गांव तक सड़क पहुंचाने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
सड़क ,पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा की सुविधा नहीं होने से पभ्या गांव से अनेक परिवार पलायन कर चुके हैं। आज तक जितने भी नेता बने उन्होंने गांव के बारे में नहीं सोचा। - कुंदन डोबाल ग्रामीण पभ्या गांव।
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हर चुनाव में सड़क बनाने का वादा किया जाता है। चुनाव जीतने के बाद भी कोई भी जनप्रतिनिधि गांव नहीं पहुंचा। नई सरकार से गांव तक सड़क पहुंचाने की उम्मीद है। - देवेंद्र सिंह ग्रामीण पभ्या गांव।
गर्भवती महिला को डोली में घर पहुंचने में रात के 12 बज चुके थे। सड़क नहीं होने से ग्रामीण तमाम परेशानियों झेल रहे हैं पर किसी को ग्रामीणों को दर्द नहीं दिख रहा है। - बलवंत डोबाल ग्रामीण पभ्या गांव।
भुनेड़ा- पभ्या सड़क की निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द पभ्या गांव तक सड़क पहुंचेगी। ग्रामीणों की मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। - अर्चना गंगोला ब्लाक प्रमुख गंगोलीहाट।
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पभ्या गांव निवासी गर्भवती पूजा डोबाल(22) को अचानक प्रसव पीड़ा उठी। चलने की हालत नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें डोली से उबड़-खाबड़ रास्ते पार कर नायल तक पहुंचाया। इसके बाद वाहन बुक कराकर 38 किमी दूर बेड़ीनाग अस्पताल ले जाया गया। यहां पूजा ने कन्या को जन्म दिया। सामान्य प्रसव के बाद पूजा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद परिजन वाहन से प्रसूता और नवजात को नायल लाए और फिर वहां से डोली से घर तक पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि वह लंबे समय से गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी गांव तक सड़क पहुंचाने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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सड़क ,पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा की सुविधा नहीं होने से पभ्या गांव से अनेक परिवार पलायन कर चुके हैं। आज तक जितने भी नेता बने उन्होंने गांव के बारे में नहीं सोचा। - कुंदन डोबाल ग्रामीण पभ्या गांव।
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हर चुनाव में सड़क बनाने का वादा किया जाता है। चुनाव जीतने के बाद भी कोई भी जनप्रतिनिधि गांव नहीं पहुंचा। नई सरकार से गांव तक सड़क पहुंचाने की उम्मीद है। - देवेंद्र सिंह ग्रामीण पभ्या गांव।
गर्भवती महिला को डोली में घर पहुंचने में रात के 12 बज चुके थे। सड़क नहीं होने से ग्रामीण तमाम परेशानियों झेल रहे हैं पर किसी को ग्रामीणों को दर्द नहीं दिख रहा है। - बलवंत डोबाल ग्रामीण पभ्या गांव।
भुनेड़ा- पभ्या सड़क की निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द पभ्या गांव तक सड़क पहुंचेगी। ग्रामीणों की मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। - अर्चना गंगोला ब्लाक प्रमुख गंगोलीहाट।