{"_id":"678fde4ee3f3c4c92f0ee737","slug":"one-radiologist-long-queue-of-patients-pithoragarh-news-c-230-1-pth1003-123007-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: रेडियोलॉजिस्ट एक, मरीजों की लंबी कतार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: रेडियोलॉजिस्ट एक, मरीजों की लंबी कतार
Tue, 21 Jan 2025 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 21 Jan 2025 11:20 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। पांच लाख की आबादी वाले पिथौरागढ़ जिले में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट है। इस वजह से या तो मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए इंतजार करना पड़ रहा है या अधिक फीस देकर प्राइवेट अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
पहले जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत थे। आईपीएचएस के मानकों में बदलाव के बाद कई अस्पतालों से रेडियोलॉजिस्ट के पद समाप्त कर दिए गए। अब जिले में जिला अस्पताल और धारचूला संयुक्त अस्पताल में ही रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत है। महिला अस्पताल में अनुबंध पर रेडियोलॉजिस्ट थे। अनुबंध समाप्त होने के बाद यहां अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। धारचूला में पद खाली है। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट पर ही मरीजों और गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड करने की जिम्मेदारी है।
जिला अस्पताल में हर रोज बड़ी संख्या में गर्भवतियां और मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं। भीड़ अधिक होने से रेडियोलॉजिस्ट के लिए जांच कराना चुनौती बन जता है। मरीजों को अपनी बारी के इंतजार में घंटों खड़े रहना पड़ रहा है। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट रामबाबू ने बताया कि इस समय हर रोज अस्पताल में करीब 50 से 55 मरीजों और गर्भवतियों की ही जांच हो रही है।
विज्ञापन
रेडियोलॉजिस्ट न होने से मशीनें शोपीस
पिथौरागढ़। स्थानीय स्तर पर मरीजों और गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड के लिए सीएचसी गंगोलीहाट, डीडीहाट, मुनस्यारी और संयुक्त चिकित्सालय धारचूला में करोड़ों रुपये से मशीनें खरीदी गईं हैं। बगैर रेडियोलॉजिस्ट के मशीनें शोपीस बनीं हैं। मरीज और गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड के लिए 50 से 120 किमी पिथौरागढ़ की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
कोट
जिले में केवल दो रेडियोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत हैं। इनमें एक जिला अस्पताल और एक पद धारचूला संयुक्त अस्पताल में है। आईपीएचएस के मानकों में बदलाव के चलते महिला अस्पताल सहित अन्य सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद समाप्त हो गया है। हर मरीज और गर्भवती का अल्ट्रासाउंड हो सके, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. जेएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
पहले जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत थे। आईपीएचएस के मानकों में बदलाव के बाद कई अस्पतालों से रेडियोलॉजिस्ट के पद समाप्त कर दिए गए। अब जिले में जिला अस्पताल और धारचूला संयुक्त अस्पताल में ही रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत है। महिला अस्पताल में अनुबंध पर रेडियोलॉजिस्ट थे। अनुबंध समाप्त होने के बाद यहां अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। धारचूला में पद खाली है। जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट पर ही मरीजों और गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड करने की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में हर रोज बड़ी संख्या में गर्भवतियां और मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं। भीड़ अधिक होने से रेडियोलॉजिस्ट के लिए जांच कराना चुनौती बन जता है। मरीजों को अपनी बारी के इंतजार में घंटों खड़े रहना पड़ रहा है। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट रामबाबू ने बताया कि इस समय हर रोज अस्पताल में करीब 50 से 55 मरीजों और गर्भवतियों की ही जांच हो रही है।
विज्ञापन
रेडियोलॉजिस्ट न होने से मशीनें शोपीस
पिथौरागढ़। स्थानीय स्तर पर मरीजों और गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड के लिए सीएचसी गंगोलीहाट, डीडीहाट, मुनस्यारी और संयुक्त चिकित्सालय धारचूला में करोड़ों रुपये से मशीनें खरीदी गईं हैं। बगैर रेडियोलॉजिस्ट के मशीनें शोपीस बनीं हैं। मरीज और गर्भवतियां अल्ट्रासाउंड के लिए 50 से 120 किमी पिथौरागढ़ की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
कोट
जिले में केवल दो रेडियोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत हैं। इनमें एक जिला अस्पताल और एक पद धारचूला संयुक्त अस्पताल में है। आईपीएचएस के मानकों में बदलाव के चलते महिला अस्पताल सहित अन्य सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद समाप्त हो गया है। हर मरीज और गर्भवती का अल्ट्रासाउंड हो सके, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. जेएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़।