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एक राष्ट्र एक पेंशन की मांग को लेकर धरना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 10:06 PM IST
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One nation picket with demand for one pension
मुनस्यारी में त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगत मर्तोलिया एक राष्ट्र एक पेंशन की मा - फोटो : PITHORAGARH
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। त्रिस्तरीय पंचायत संगठन ने एक राष्ट्र एक पेंशन की मांग की है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि विधायक, सांसद को पूर्ण पेंशन मिल सकती है तो उन्हें अंशदायी पेंशन क्यों।
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रविवार को संगठन के बैनर तले एक राष्ट्र एक पेंशन की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने घरों में दो घंटे धरना दिया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि 2005 में केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार ने अंशदायी पेंशन व्यवस्था को लागू किया था। उत्तराखंड के 2.50 लाख कार्मिकों में से 76772 अंशदायी पेंशन के भीतर आ गए हैं। मर्तोलिया ने बताया कि 2000 से राज्य के भीतर 442 अंशदायी पेंशन वाले कार्मिक सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्हें मात्र दो से तीन हजार रुपये पेंशन मिल रही है। पूर्ण पेंशन वाले कार्मिक को सेवानिवृत्त होने पर मूल वेतन का 50 प्रतिशत वेतन और डीए जोड़कर मिलता है, जो उसके बुढ़ापे का सहारा होता है। अंशदायी पेंशन तो नाममात्र की है। इससे कार्मिक की आर्थिक सुरक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कहा कि सांसद, विधायक और भारतीय सेना, राज्यपाल, राष्ट्रपति को अभी भी पूर्ण पेंशन मिलती है, जबकि पैरा आर्मी को भी इससे वंचित कर अंशदायी पेंशन में डाल दिया गया है। जिपं सदस्य मर्तोलिया ने कहा कि एक राष्ट्र एक कानून की बात हो रही है, जिसे साकार करना चाहिए।
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