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Pithoragarh News: जिसे हार पहनाकर अपनाया, अब उसी को हराने की चुनाैती
Fri, 18 Jul 2025 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 18 Jul 2025 11:29 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सियासत का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए, कहना मुश्किल है। हाईकोर्ट के एक आदेश से पंचायत चुनाव में पिथौरागढ़ की भड़गांव जिला पंचायत सीट पर कुछ ऐसी परिस्थिति बन गई है कि भाजपा के खेमे में असमंजस पसर गया है। पहले अपने प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने पर एकमात्र बचे जिस निर्दलीय को फूलों का हार पहनाकर अपना बता रहे थे, अब उसे ही प्रतिद्वंद्वी मानने की मजबूरी हो चुकी है।
भड़गांव जिला पंचायत सीट पर भाजपा, कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ ही एक निर्दलीय प्रत्याशी ने पर्चा भरा था। कानूनी कार्रवाई का उल्लेख न होने पर निर्वाचन अधिकारी ने जांच में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त कर दिया। मैदान में डटे तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन तय होने के बाद भाजपा उसे अपने पाले में करने में कामयाब रही। पार्टी नेताओं ने बाकायदा फूलमाला पहनाकर निर्दलीय प्रत्याशी को अपनी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बताते हुए उसका जोरदार स्वागत भी किया। नामांकन रद्द होने पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी तो अब निर्णय उसके पक्ष में आ गया। इससे सारे समीकरण बदल गए।
हाईकोर्ट ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव लड़ने के योग्य बताया तो उसने फिर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है। ऐसे में साफ है कि अब पार्टी को अपने अधिकृत प्रत्याशी का साथ देना होगा। लेकिन जीतने की संभावना पुख्ता होने के बाद जिस निर्दलीय प्रत्याशी को भाजपा ने अपना बताया, अब उसी को हराने में चुनाैती होगी। संवाद
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कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी पर टिकीं निगाहें
डीडीहाट। भड़गांव सीट पर कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी का भी भाजपा प्रत्याशी की तरह ही नामांकन निरस्त किया गया है। भाजपा प्रत्याशी के हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद उनके पक्ष में फैसला आया है। ऐसे में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी भी न्यायालय की शरण में जा सकते हैं। अब सबकी निगाहें इस प्रत्याशी पर टिकी हैं। यदि न्यायालय ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में निर्णय दिया तो भड़गांव सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है।
कोट
न्यायालय ने हमारे अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में निर्णय दिया है। अब वही भड़गांव सीट पर पार्टी का चेहरा होंगे, इसमें कोई संशय नहीं है। पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी। पूर्व में निर्विरोध निर्वाचन की संभावना को देखते हुए जिस निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन मिला था, अब पार्टी उनके विरोध में लड़ेगी।
- गिरीश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष, पिथौरागढ़।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद मैदान में डटे जिस एकमात्र निर्दलीय प्रत्याशी को भाजपा ने फूलमाला पहनाकर अपनी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बताया वही अब बदली परिस्थितियों में पार्टी का विरोधी होगा। अपने अधिकृत प्रत्याशी को हाईकोर्ट से चुनाव लड़ने की अनुमति मिलने के बाद भाजपा की दिक्कत बढ़ गई है। यहां तीसरा योद्धा मैदान में न होने से भाजपा के अधिकृत और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच मुकाबला होगा। पहले जिसे पार्टी ने अपनाया अब वहीं योद्धा भाजपा प्रत्याशी को चुनावी मैदान में चुनौती देगा। ऐसे में साफ है भाजपा के लिए इस रणनीतिक समीकरण को साधते हुए अपने अधिकृत प्रत्याशी को जिताने की कठिन चुनौती होगी।
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भड़गांव जिला पंचायत सीट पर भाजपा, कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ ही एक निर्दलीय प्रत्याशी ने पर्चा भरा था। कानूनी कार्रवाई का उल्लेख न होने पर निर्वाचन अधिकारी ने जांच में भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों का नामांकन निरस्त कर दिया। मैदान में डटे तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन तय होने के बाद भाजपा उसे अपने पाले में करने में कामयाब रही। पार्टी नेताओं ने बाकायदा फूलमाला पहनाकर निर्दलीय प्रत्याशी को अपनी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बताते हुए उसका जोरदार स्वागत भी किया। नामांकन रद्द होने पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी तो अब निर्णय उसके पक्ष में आ गया। इससे सारे समीकरण बदल गए।
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हाईकोर्ट ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को चुनाव लड़ने के योग्य बताया तो उसने फिर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है। ऐसे में साफ है कि अब पार्टी को अपने अधिकृत प्रत्याशी का साथ देना होगा। लेकिन जीतने की संभावना पुख्ता होने के बाद जिस निर्दलीय प्रत्याशी को भाजपा ने अपना बताया, अब उसी को हराने में चुनाैती होगी। संवाद
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कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी पर टिकीं निगाहें
डीडीहाट। भड़गांव सीट पर कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी का भी भाजपा प्रत्याशी की तरह ही नामांकन निरस्त किया गया है। भाजपा प्रत्याशी के हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद उनके पक्ष में फैसला आया है। ऐसे में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी भी न्यायालय की शरण में जा सकते हैं। अब सबकी निगाहें इस प्रत्याशी पर टिकी हैं। यदि न्यायालय ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में निर्णय दिया तो भड़गांव सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है।
कोट
न्यायालय ने हमारे अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में निर्णय दिया है। अब वही भड़गांव सीट पर पार्टी का चेहरा होंगे, इसमें कोई संशय नहीं है। पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी। पूर्व में निर्विरोध निर्वाचन की संभावना को देखते हुए जिस निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन मिला था, अब पार्टी उनके विरोध में लड़ेगी।
- गिरीश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष, पिथौरागढ़।
नामांकन पत्रों की जांच के बाद मैदान में डटे जिस एकमात्र निर्दलीय प्रत्याशी को भाजपा ने फूलमाला पहनाकर अपनी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बताया वही अब बदली परिस्थितियों में पार्टी का विरोधी होगा। अपने अधिकृत प्रत्याशी को हाईकोर्ट से चुनाव लड़ने की अनुमति मिलने के बाद भाजपा की दिक्कत बढ़ गई है। यहां तीसरा योद्धा मैदान में न होने से भाजपा के अधिकृत और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच मुकाबला होगा। पहले जिसे पार्टी ने अपनाया अब वहीं योद्धा भाजपा प्रत्याशी को चुनावी मैदान में चुनौती देगा। ऐसे में साफ है भाजपा के लिए इस रणनीतिक समीकरण को साधते हुए अपने अधिकृत प्रत्याशी को जिताने की कठिन चुनौती होगी।