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ट्रांसफर के बाद भी सरकारी आवास नहीं छोड़ रहे

Fri, 06 Jan 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 06 Jan 2017 10:42 PM IST
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No transfer after leaving public housing
पिथौरागढ़ की सरकारी आवासीय कालोनी - फोटो : अमर उजाला

राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए जिला मुख्यालय में बने सरकारी आवासों को कई कर्मचारियों ने ट्रांसफर होने के बाद भी खाली नहीं किया है। इस कारण सरकारी आवास मिलने की आस में बैठे कई कर्मचारियों को निराशा हाथ लग रही है। आवासों को खाली कराने के लिए कुछ कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

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विकास भवन के पास बने सरकारी कर्मचारियों की पूल्ड आवास कालोनी में 51 सरकारी आवास बने हैं, जो राज्य सरकार के अधीन कार्यालयों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को आवंटित किए जाते हैं। इसमें से 36 आवास तृतीय श्रेणी के क्लर्क को दिए जाते हैं और शेष 15 आवास विभिन्न विभागों में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आवंटित होते हैं। यह सभी आवास पिथौरागढ़ नगर में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को ही आवंटित किए जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें से 4 कर्मचारियों का बहुत पहले डीडीहाट, बेड़ीनाग और थल ट्रांसफर हो चुका था, लेकिन इन कर्मियों ने अब तक इन सरकारी आवासों को खाली नहीं किया है। बताया गया कि नए एलाटमेंट के लिए हर साल एक जनवरी और एक जुलाई को कर्मचारी आवासों के लिए आवेदनपत्र जमा करते हैं।
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अब तक करीब 35 कर्मचारी इन आवासों को प्राप्त करने के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन उनको भी इसी बात का इंतजार है कि जब तक ट्रांसफर हो चुके कर्मचारी आवासों को खाली नहीं करेंगे, तब तक उनका नंबर नहीं आएगा। कलक्ट्रेट के हेड नाजिर दिनेश जोशी ने बताया कि कर्मचारियों को वरीयता के आधार पर आवास आवंटित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि एक महिला कर्मचारी का जून 2016 में ट्रांसफर हो गया था। उसे नोटिस एक बार दिया गया है। दोबारा नोटिस भेजा जा रहा है और आवास खाली करने को कहा जा रहा है।
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जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने बताया कि पूल्ड आवास कालोनी में बने सरकारी आवास सिर्फ नगर में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को ही आवंटित किए जाते हैं, अगर किसी कर्मचारी ने ट्रांसफर होने के बाद आवास खाली नहीं किया है तो इस संबंध में जांच कराकर उसे तुरंत खाली कराया जाएगा।

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