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Pithoragarh News: तीन घंटे की रोशनी से मिली निजात, अब घर जगमगाएंगे सारी रात
Mon, 27 Jul 2026 10:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 27 Jul 2026 10:10 PM IST
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पिथौरागढ़। व्यास घाटी के नपल्चू में रहने वाले 130 घरों को उरेडा ने बड़ी सौगात दी है। अब इनमें रहने वालों को हर रात तीन घंटे की बिजली के लिए मोहताज नहीं रहना पड़ेगा। अब पर्यटन की दृष्टि से अहम इस गांव में बिजली के बल्ब सारी रात जगमगाएंगे।
जिले के दूरस्थ नपल्चू गांव में ग्रिड की बिजली पहुंचाना चुनौती है। उरेडा ने इस गांव को रोशन करने के लिए पूर्व में 50 किलोवाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया था। क्षमता कम होने से ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही थी। शाम से रात तक केवल तीन से चार घंटे ही लोगोें के घरों में रोशनी रहती थी। इस परेशानी को खत्म करने के लिए उरेडा ने 92 लाख रुपये की लागत से लघु जल विद्युत परियोजना की क्षमता विभाग को बढ़ाकर 100 किलोवाट कर दिया है। अब गांव के हर घर के साथ ही सेना की चौकी और होमस्टे भी भरपूर बिजली से रोशन हो गए हैं।
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ग्रामीण ऊर्जा समिति करती है परियोजना का संचालन
नपल्चू गांव में स्थापित लघु जल विद्युत परियोजना की देखरेख ग्रामीण कर रहे हैं। इसके संचालन के लिए ग्रामीण ऊर्जा समिति का गठन किया गया है। समिति की ओर से ही बिल वसूली और कर्मचारियों को मानदेय दिया जाता है। समिति के माध्यम से युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
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नपल्चू गांव में स्थापित लघु जल विद्युत परियोजना को विस्तारित किया गया। यह पहल ग्रामीणों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। अब लोगों को पर्याप्त बिजली मुहैया कराई जा रही है। -भूपाल सिंह कुंवर, परियोजना अधिकारी, उरेडा, पिथौरागढ़
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जिले के दूरस्थ नपल्चू गांव में ग्रिड की बिजली पहुंचाना चुनौती है। उरेडा ने इस गांव को रोशन करने के लिए पूर्व में 50 किलोवाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया था। क्षमता कम होने से ग्रामीणों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही थी। शाम से रात तक केवल तीन से चार घंटे ही लोगोें के घरों में रोशनी रहती थी। इस परेशानी को खत्म करने के लिए उरेडा ने 92 लाख रुपये की लागत से लघु जल विद्युत परियोजना की क्षमता विभाग को बढ़ाकर 100 किलोवाट कर दिया है। अब गांव के हर घर के साथ ही सेना की चौकी और होमस्टे भी भरपूर बिजली से रोशन हो गए हैं।
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ग्रामीण ऊर्जा समिति करती है परियोजना का संचालन
नपल्चू गांव में स्थापित लघु जल विद्युत परियोजना की देखरेख ग्रामीण कर रहे हैं। इसके संचालन के लिए ग्रामीण ऊर्जा समिति का गठन किया गया है। समिति की ओर से ही बिल वसूली और कर्मचारियों को मानदेय दिया जाता है। समिति के माध्यम से युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
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नपल्चू गांव में स्थापित लघु जल विद्युत परियोजना को विस्तारित किया गया। यह पहल ग्रामीणों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। अब लोगों को पर्याप्त बिजली मुहैया कराई जा रही है। -भूपाल सिंह कुंवर, परियोजना अधिकारी, उरेडा, पिथौरागढ़