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बिजली उत्पादन ठप, 15 दिन से अंधेरे में नामिक गांव
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पालीथिन से बांधा गया बिजली परियोजना का पाइप। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
नाचनी (पिथौरागढ़)। लघु जल विद्युत परियोजना की टरबाइन खराब होने से जिले के अंतिम गांव नामिक की एक हजार आबादी 15 दिनों से अंधकार में है। बिजली न होने के कारण जहां बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, वहीं अन्य कामों में भी परेशानी हो रही है।
उरेडा ने वर्ष 2010 में 50 किलोवाट क्षमता की परियोजना का निर्माण कर गांव में विद्युतीकरण किया था। इसके बाद संचालन के लिए परियोजना को हीरामणि जल विद्युत समिति नामिक को हस्तांतरित कर दिया गया। अब यह परियोजना जर्जर हो चुकी है। आए दिन बिजली का उत्पादन ठप हो जाता है।
समिति के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि नामिक में लगाया गया पावर प्रोजेक्ट 20 साल पुराना है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट पहले दस साल चमोली जिले में लगा था, जिसे उखाड़कर 2010 में यहां लगा दिया गया। जीर्णशीर्ण मशीनरी आए दिन खराब होती रहती है। अधिकांश पाइप गल गए हैं। पाइपों को पॉलीथिन से बांधा गया है। नहर भी जर्जर हो गई है। इन तमाम कारणों के चलते बिजली आपूर्ति बाधित होते रहती है। ग्राम प्रधान तुलसी देवी ने बताया कि सात किमी दूरी पर बागेश्वर जिले का गोगिना गांव ग्रिड से जुड़ा है। नामिक तक मात्र 10 पोलों से गांव ग्रिड से जुड़ जाता। ग्रिड से गांव को जोड़ने लिए कई बार शासन प्रशासन को पत्र भेजा गया है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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परियोजना की मशीनरी वास्तव में पुरानी हो गई है। बुधवार को मैकेनिक भेजा जा रहा है। साथ ही गांव को ग्रिड से जोड़ने के लिए अधिशासी अभियंता यूपीसीएल बागेश्वर को पत्र लिखा गया है। - अखिलेश शर्मा, मुख्य परियोजना प्रबंधक, उरेडा।
बनबसा के कई हिस्सों में तीन घंटे नहीं रहेगी बिजली आपूर्ति
बनबसा (चंपावत)। नगर के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम एक बजे तक बिजली कटौती रहेगी। ऊर्जा निगम के जेई प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि नगर पंचायत ने मंगलवार को शटडाउन लिया है। इससे बनबसा फीडर से रेलवे फाटक के दूसरी तरफ चंदनी, भजनपुर, बमनपुरी, आनंदपुर, पचपकरिया, देवीफार्म क्षेत्र में तीन घंटे बिजली कटौती रहेगी।
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उरेडा ने वर्ष 2010 में 50 किलोवाट क्षमता की परियोजना का निर्माण कर गांव में विद्युतीकरण किया था। इसके बाद संचालन के लिए परियोजना को हीरामणि जल विद्युत समिति नामिक को हस्तांतरित कर दिया गया। अब यह परियोजना जर्जर हो चुकी है। आए दिन बिजली का उत्पादन ठप हो जाता है।
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समिति के सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि नामिक में लगाया गया पावर प्रोजेक्ट 20 साल पुराना है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट पहले दस साल चमोली जिले में लगा था, जिसे उखाड़कर 2010 में यहां लगा दिया गया। जीर्णशीर्ण मशीनरी आए दिन खराब होती रहती है। अधिकांश पाइप गल गए हैं। पाइपों को पॉलीथिन से बांधा गया है। नहर भी जर्जर हो गई है। इन तमाम कारणों के चलते बिजली आपूर्ति बाधित होते रहती है। ग्राम प्रधान तुलसी देवी ने बताया कि सात किमी दूरी पर बागेश्वर जिले का गोगिना गांव ग्रिड से जुड़ा है। नामिक तक मात्र 10 पोलों से गांव ग्रिड से जुड़ जाता। ग्रिड से गांव को जोड़ने लिए कई बार शासन प्रशासन को पत्र भेजा गया है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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परियोजना की मशीनरी वास्तव में पुरानी हो गई है। बुधवार को मैकेनिक भेजा जा रहा है। साथ ही गांव को ग्रिड से जोड़ने के लिए अधिशासी अभियंता यूपीसीएल बागेश्वर को पत्र लिखा गया है। - अखिलेश शर्मा, मुख्य परियोजना प्रबंधक, उरेडा।
बनबसा के कई हिस्सों में तीन घंटे नहीं रहेगी बिजली आपूर्ति
बनबसा (चंपावत)। नगर के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम एक बजे तक बिजली कटौती रहेगी। ऊर्जा निगम के जेई प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि नगर पंचायत ने मंगलवार को शटडाउन लिया है। इससे बनबसा फीडर से रेलवे फाटक के दूसरी तरफ चंदनी, भजनपुर, बमनपुरी, आनंदपुर, पचपकरिया, देवीफार्म क्षेत्र में तीन घंटे बिजली कटौती रहेगी।