{"_id":"65f877270503ddbdb50594b2","slug":"nine-gram-panchayats-demanded-to-shift-the-army-pithoragarh-news-c-230-1-shld1025-111341-2024-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: नौ ग्राम पंचायतों ने की सेना को शिफ्ट करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: नौ ग्राम पंचायतों ने की सेना को शिफ्ट करने की मांग
Mon, 18 Mar 2024 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 18 Mar 2024 10:47 PM IST
विज्ञापन
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। चीन सीमा क्षेत्र की नौ ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने पर्यावरणीय दृष्टिकोण से अति संवेदनशील क्षेत्र बलाती फार्म से भारतीय सेना को शिफ्ट करने की मांग की है। इस संबंध में ग्राम पंचायत सरमोली, बूंगा, मल्ला घोरपट्टा, तल्ला घोरपट्टा, जैती, बनिया गांव, कवाधार, पापड़ी और सेरा सुराईधार के ग्रामीणों ने डीएम और एसडीएम को पत्र भी भेजा है।
डीएम एसडीएम को भेजे पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि विकासखंड मुनस्यारी के ग्राम पंचायत बूंगा से लगे बलाती फार्म क्षेत्र में सबसे अधिक प्राकृतिक जलस्रोत हैं। वर्ष 2019 से बलाती फार्म की जमीन पर भारतीय सेना की बसासत शुरू हुई। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसका विरोध शुरू लेकिन उसी दौरान कोविडकाल की बात कहकर सेना का यहां विस्तार होता चला गया जो आज भी जारी है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि वर्ष 2019 से लगातार जिला प्रशासन को पत्र भेजकर सेना को पर्यावरण की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र से शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश है। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया का कहना है कि यदि पर्यावरण को बचाने के लिए सेना को शिफ्ट नहीं किया गया तो लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम एसडीएम को भेजे पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि विकासखंड मुनस्यारी के ग्राम पंचायत बूंगा से लगे बलाती फार्म क्षेत्र में सबसे अधिक प्राकृतिक जलस्रोत हैं। वर्ष 2019 से बलाती फार्म की जमीन पर भारतीय सेना की बसासत शुरू हुई। पंचायत प्रतिनिधियों ने इसका विरोध शुरू लेकिन उसी दौरान कोविडकाल की बात कहकर सेना का यहां विस्तार होता चला गया जो आज भी जारी है।
विज्ञापन
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि वर्ष 2019 से लगातार जिला प्रशासन को पत्र भेजकर सेना को पर्यावरण की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र से शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश है। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया का कहना है कि यदि पर्यावरण को बचाने के लिए सेना को शिफ्ट नहीं किया गया तो लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
विज्ञापन