{"_id":"688d091b035be797e707881c","slug":"new-ambulance-not-received-health-of-108-emergency-service-deteriorated-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-130910-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: नहीं मिली नई एंबुलेंस, 108 आपातकालीन सेवा की बिगड़ी सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: नहीं मिली नई एंबुलेंस, 108 आपातकालीन सेवा की बिगड़ी सेहत
Sat, 02 Aug 2025 12:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 02 Aug 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में नई एंबुलेंस न मिलने से आपातकालीन सेवा 108 की सेहत खराब हो गई है। इससे मरीज परेशान हैं। जिले के अस्पतालों से रेफर मरीजों को हायर सेंटर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भेजी जा रही है। गांवों और कस्बों के मरीज इनकी कमी से जूझ रहे हैं। इनकी कमी को दूर करने के लिए पांच महीने पूर्व छह नई एंबुलेंस की मांग की गई थी। अब तक यह प्रस्ताव शासन में अटका है और जिले के मरीज और गर्भवतियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
सीमांत जिले के आठ ब्लॉकों की छह लाख की आबादी को आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 सेवा की 18 एंबुलेंस तैनात हैं। हर रोज जिला, महिला और जिले के अन्य अस्पतालों से रेफर मरीजों को हल्द्वानी, बरेली के हायर सेंटर पहुंचाने के लिए तीन से चार एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। स्थानीय एंबुलेंस को हायर सेंटर भेजने से अन्य जगह से मरीज और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने में अधिक समय लग रहा है। समय पर एंबुलेंस न मिलने से मरीजों और गर्भवतियों की जान का खतरा है। पांच महीने पहले इनकी कमी दूर कर सभी को राहत पहुंचाने के लिए छह नई एंबुलेंस की मांग की गई थी। अब तक इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है।
नई लोकेशन खोजकर निभा दी औपचारिकता
नई एंबुलेंस की मांग कर इनकी तैनाती के लिए नई लोकेशन भी खोज ली गई। डूनी, गुंजी सहित अन्य स्थानों पर इनकी तैनाती की योजना है। वर्ष 2019 में खरीदी गईं एंबुलेंस एक लाख किलोमीटर से अधिक सफर कर बूढ़ी हो चुकी हैं, जो आए दिन मरीजों को रास्तों पर धोखा दे रही हैं। छह नई एंबुलेंस अब तक नहीं मिल सकीं हैं। ऐसे में पुरानी एंबुलेंस से छुटकारा मिलने की उम्मीद कम ही है।
विज्ञापन
कोट
अस्पतालों से रेफर मरीजों को पहुंचाने में एंबुलेंस को हायर सेंटर भेजने से व्यवस्था रुकावट बनी है। नई एंबुलेंस मिलने से कुछ हद तक राहत मिलेगी। इनकी मांग की गई है। - भाष्कर शर्मा, जिला प्रभारी, 108 आपातकालीन सेवा, पिथौरागढ़।
विज्ञापन
सीमांत जिले के आठ ब्लॉकों की छह लाख की आबादी को आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 सेवा की 18 एंबुलेंस तैनात हैं। हर रोज जिला, महिला और जिले के अन्य अस्पतालों से रेफर मरीजों को हल्द्वानी, बरेली के हायर सेंटर पहुंचाने के लिए तीन से चार एंबुलेंस भेजी जा रही हैं। स्थानीय एंबुलेंस को हायर सेंटर भेजने से अन्य जगह से मरीज और गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने में अधिक समय लग रहा है। समय पर एंबुलेंस न मिलने से मरीजों और गर्भवतियों की जान का खतरा है। पांच महीने पहले इनकी कमी दूर कर सभी को राहत पहुंचाने के लिए छह नई एंबुलेंस की मांग की गई थी। अब तक इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है।
विज्ञापन
नई लोकेशन खोजकर निभा दी औपचारिकता
नई एंबुलेंस की मांग कर इनकी तैनाती के लिए नई लोकेशन भी खोज ली गई। डूनी, गुंजी सहित अन्य स्थानों पर इनकी तैनाती की योजना है। वर्ष 2019 में खरीदी गईं एंबुलेंस एक लाख किलोमीटर से अधिक सफर कर बूढ़ी हो चुकी हैं, जो आए दिन मरीजों को रास्तों पर धोखा दे रही हैं। छह नई एंबुलेंस अब तक नहीं मिल सकीं हैं। ऐसे में पुरानी एंबुलेंस से छुटकारा मिलने की उम्मीद कम ही है।
विज्ञापन
कोट
अस्पतालों से रेफर मरीजों को पहुंचाने में एंबुलेंस को हायर सेंटर भेजने से व्यवस्था रुकावट बनी है। नई एंबुलेंस मिलने से कुछ हद तक राहत मिलेगी। इनकी मांग की गई है। - भाष्कर शर्मा, जिला प्रभारी, 108 आपातकालीन सेवा, पिथौरागढ़।