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Pithoragarh News: आठवें दिन खुली मुनस्यारी-मिलम सड़क, सेना और ग्रामीणों में राहत
Sat, 28 Jun 2025 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 28 Jun 2025 10:50 PM IST
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लंबे इंतजार के बाद चीन सीमा के साथ 13 माइग्रेशन गांवों को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर आठ
पिथौरागढ़/धारचूला/नाचनी। लंबे इंतजार के बाद चीन सीमा के साथ 13 माइग्रेशन गांवों को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर आठवें दिन आवाजाही शुरू हो गई। सड़क खुलने से सेना और ग्रामीणों के साथ ही बीआरओ में राहत है। वहीं, बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से थल-मुनस्यारी सड़क पर 12 तो चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर 23 घंटे तक आवाजाही थमी रही। ऐसे में सड़क के दोनों तरफ यात्री, वाहन चालक, पर्यटक और आदि कैलाश यात्री फंसे रहे।
चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क पर बीते रविवार रलगाड़ी और लीलम के बीच बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई थी। इस प्रमुख सड़क के बंद होने से जोहार घाटी के 13 माइग्रेशन गांवों के ग्रामीणों के साथ ही चीन सीमा पर तैनात सैनिकों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। आठवें दिन शनिवार को बीआरओ ने बमुश्किल बोल्डर हटाकर सड़क पर आवाजाही शुरू कराई। वहीं बारिश के बाद हरड़िया के पास मलबा और बोल्डर गिरने से थल-मुनस्यारी सड़क बीते शुक्रवार रात नौ बजे के करीब बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन चालक, यात्री और पर्यटक फंसे रहे।
लोनिवि ने मलबा हटाकर शनिवार सुबह करीब नौ बजे आवाजाही शुरू कराई तब जाकर यात्री और वाहन चालक गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं चीन सीमा के साथ ही आदि कैलाश को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क चेतुलधार के पास बोल्डर गिरने से बीते शुक्रवार शाम छह बजे बंद हो गई। ऐसे में दारमा, चौदास और व्यास घाटी के ग्रामीणों के साथ ही आदि कैलाश यात्री भी फंसे रहे।
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बीआरओ ने शनिवार शाम पांच बजे मलबा और बोल्डर हटाकर सड़क पर आवाजाही शुरू कराई। मलबा आने से फुलतड़ी-रोजी बुंगा और नाचनी-भैंसकोट सड़क पर आवाजाही ठप है इससे छह से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
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पिथौरागढ़ में 19 तो तेजम में सबसे अधिक 132 मिमी बारिश
सीमांत जिले में बारिश ने आफत मची हुई है। जिले के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटे में जिला मुख्यालय में 19 मिमी, बेड़ीनाग में 12, मुनस्यारी में 36, बंगापानी में 129, गणाई गंगोली में चार, देवलथल में 32, गंगोलीहाट में आठ, डीडीहाट में 34, धारचूला में 39, तेजम में 130 और थल में 52 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
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उफान पर आई काली और रामगंगा नदी
थल। भारी बारिश के बाद जिले की प्रमुख नदियां उफान पर आ गई हैं। धारचूला में बारिश के बाद काली तो थल में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और ये उफान पर बहने लगी हैं। नदियों के घाट पानी से भर गए हैं। थल में मुख्य बाजार के पास उफान पर बह रही नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों और लोगों में दहशत है। हालांकि यहां तटबंध बनने से खतरा कम हो गया है। संवाद
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चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क पर बीते रविवार रलगाड़ी और लीलम के बीच बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई थी। इस प्रमुख सड़क के बंद होने से जोहार घाटी के 13 माइग्रेशन गांवों के ग्रामीणों के साथ ही चीन सीमा पर तैनात सैनिकों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। आठवें दिन शनिवार को बीआरओ ने बमुश्किल बोल्डर हटाकर सड़क पर आवाजाही शुरू कराई। वहीं बारिश के बाद हरड़िया के पास मलबा और बोल्डर गिरने से थल-मुनस्यारी सड़क बीते शुक्रवार रात नौ बजे के करीब बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन चालक, यात्री और पर्यटक फंसे रहे।
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लोनिवि ने मलबा हटाकर शनिवार सुबह करीब नौ बजे आवाजाही शुरू कराई तब जाकर यात्री और वाहन चालक गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं चीन सीमा के साथ ही आदि कैलाश को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क चेतुलधार के पास बोल्डर गिरने से बीते शुक्रवार शाम छह बजे बंद हो गई। ऐसे में दारमा, चौदास और व्यास घाटी के ग्रामीणों के साथ ही आदि कैलाश यात्री भी फंसे रहे।
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बीआरओ ने शनिवार शाम पांच बजे मलबा और बोल्डर हटाकर सड़क पर आवाजाही शुरू कराई। मलबा आने से फुलतड़ी-रोजी बुंगा और नाचनी-भैंसकोट सड़क पर आवाजाही ठप है इससे छह से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
पिथौरागढ़ में 19 तो तेजम में सबसे अधिक 132 मिमी बारिश
सीमांत जिले में बारिश ने आफत मची हुई है। जिले के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटे में जिला मुख्यालय में 19 मिमी, बेड़ीनाग में 12, मुनस्यारी में 36, बंगापानी में 129, गणाई गंगोली में चार, देवलथल में 32, गंगोलीहाट में आठ, डीडीहाट में 34, धारचूला में 39, तेजम में 130 और थल में 52 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
उफान पर आई काली और रामगंगा नदी
थल। भारी बारिश के बाद जिले की प्रमुख नदियां उफान पर आ गई हैं। धारचूला में बारिश के बाद काली तो थल में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और ये उफान पर बहने लगी हैं। नदियों के घाट पानी से भर गए हैं। थल में मुख्य बाजार के पास उफान पर बह रही नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों और लोगों में दहशत है। हालांकि यहां तटबंध बनने से खतरा कम हो गया है। संवाद